क्रेशर मशीन चोरी की रिपोर्ट लिखाने गए प्रभारी खनिज अधिकारी नामदेव को टीआई ने उल्टे पैर लौटाया, सरकार को 140 करोड़ का नुकसान

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इंदौर। ग्राम बारोली में अवैध उत्खनन का मामला पकड़ कर 140 करोड़ की पेनल्टी लगाने वाले प्रभारी खनिज अधिकारी जयदीप नामदेव इस मामले की लीपापोती में लगा है। उसने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को लगभग पांच बाद सूचना दी। तब तक मौके से क्रेशर मशीन सहित अन्य सील सामग्री गायब हो चुकी थी, लेकिन नामदेव ने खनिज माफियाओं को फायदा पहुंचाने के लिए एफआईआर दर्ज नहीं कराई। जब मामले ने तूल पकड़ा तो वह 22 जनवरी को बाणगंगा थाने पर एफआईआर दर्ज कराने पहुंचा तब टीआई ने उसे उल्टे पैर लौटा दिया।

सूत्र बताते हैं कि टीआई ने नामदेव का आवेदन यह कहते हुए वापस कर दिया कि इसे प्रॉपर तरीके से नहीं लिखा गया है। जिन खनिज माफियाओं के नाम खदान, क्रेशर मशीन, बिजली बिल आदि हैं, उनके नाम आवेदन में नहीं लिखे हैं। इसके साथ ही टीआई ने कहा कि चूंकि यह मामला 19-08-23 का है, इसलिए इतने विलंब से एफआईआर दर्ज नहीं हो सकती। टीआई ने यह भी पूछा था कि जब्त सामग्री आखिर किसकी अभिरक्षा में रखी गई थी।

पहले भी हो चुकी एफआईआर की कोशिश

सहायक खनिज अधिकारी सीएस डामोर ने जयदीप नामदेव को 13 जनवरी को ऑफिशियल पत्र लिखकर यह जानकारी दी थी कि थाना बाणगंगा ने एफआईआर दर्ज करने से इनकार कर दिया है। इससे पहले भी डामोर 16-12-24 को ऐसा ही पत्र अपने वरिष्ठ अधिकारियों को भेज चुके हैं। डामोर ने अपने ताजा पत्र में लिखा है कि 03/01/2025 दिनांक 10/01/2025 को थाना बाणगंगा में उपस्थित हुआ। 10/01/2025 को थाना प्रभारी द्वारा प्रकरण के संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा उपरांत स्पष्ट रूप से उक्त प्रकरण में एफआईआर दर्ज करने से मना किया गया। थाना प्रभारी द्वारा कहा गया कि विभागीय स्तर से प्रकरण में जांच कर प्रकरण से संबंधित जब्त सामग्री किसकी सुपुर्दगी में सौपी गई है इसकी जांच करें।

सील करने के बाद अभिरक्षा में नहीं दी क्रेशर मशीन

जयदीप नामदेव के पंचनामे के अनुसार बिना अनुमति के क्रेशर मशीन स्थापित होना पाया जाने से गिट्टी के अवैध निर्माण पर रोक लगाने हेतु एहतियातन ऑपरेशन रूम एवं स्टोन क्रेशर मशीन को सील किया गया। नियमानुसार सील करने के बाद मध्यप्रदेश खनिज (अवैध खनन, परिवहन तथा भंडारण का निवारण) नियम 2022 के नियम 23 में बताई गई प्रक्रिया तथा नियम 24 (6) में बताई गई प्रक्रिया में नियमानुसार अवैध उत्खनन में प्रयोग की गई सामग्री, सील की गई क्रेशर मशीन जब्त कर नजदीकी पुलिस थाना, स्थानीय निकाय, ग्राम पंचायत, एसडीएम, तहसलीदार, ग्राम कोटवार आदि की निगरानी में रखा जाना आवश्यक है। जयदीप नामदेव ने खनिज माफियाओं को लाभ पहुंचाने के लिए ऐसा नहीं किया। इसके साथ ही नामदेव ने अपने उच्च अधिकारियों को तत्काल इसकी सूचना नहीं दी। इसके कारण खदान मालिक संजय शुक्ला ने वहां से मशीनें आदि गायब करवा दीं। इसी वजह से इस मामले में आज तक एफआईआर दर्ज नहीं हो सकी।

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