प्रदेश के सबसे ‘बड़े’ मंत्रीजी, क्या आपको पता नहीं था-आपका बेटा एक घोटालेबाज कंपनी के साथ कर रहा है ‘बल्लेबाजी’

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इंदौर। प्रसिद्ध घोटालेबाज उद्योगपति अनिल अंबानी से जुड़े एक मामले में ईडी ने महू के पाथ ग्रुप पर छापा मारा। पता चला कि पहले भी घोटालेबाजी कर चुकी इस कंपनी में प्रदेश के सबसे बड़े काबीना मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के पूर्व विधायक बेटे आकाश विजयवर्गीय भी डायरेक्टर हैं। यह खबर सुनकर सब दंग रह गए। इंदौर की जनता को तो भरोसा ही नहीं हो रहा।

आपको याद होगा कि जब आकाश विधायक थे तो अतिक्रमण हटाने गए नगर निगम के अधिकारियों को खुलेआम बल्ला मारा था। तब खूब बवाल मचा। नेशनल मीडिया पर खबर भी बनी। पुलिस में केस भी दर्ज हुआ। मामला कोर्ट तक पहुंचा। चूंकि भाजपा के एक बड़े नेता के बेटे का भविष्य का सवाल था, जाहिर है धीरे-धीरे गवाह और शिकायत करने वाले पीछे हट गए। फोटो, वीडियो और सारे सबूत होने के बावजूद कोर्ट तक कोई सबूत नहीं पहुंचा और मंत्रीजी के बल्लेबाज बेटे बल्लेबाजी के आरोप से मुक्त हो गए।

खुद बैटिंग करने के लिए मैदान से हटाया

भाजपा संगठन ने मंत्रीजी को मध्यप्रदेश से तड़ीपार कर दिया था। राष्ट्रीय नेता बन गए थे, लेकिन बेटे को विधायक बनवा दिया था। इसके बाद मंत्रीजी एक बार फिर से बल्लेबाजी करने का फैसला किया और बेटे को मैदान से हटा दिया। खुद मनमाने सीट से टिकट लिया और मंत्री बन बैठे। अब ऐसे में बेटा बेरोजगार कैसे रहता? मंत्रीजी ने कई कंपनियों में डायरेक्टर बनवा कर उससे बल्लेबाजी शुरू करवा दी।

आकाश विजयवर्गीय का नाम आया सामने

मंगलवार को जब ईडी ने अनिल अंबानी से जुड़े मामले में पाथ ग्रुप के ठिकानों पर छापा मारा तो अचानक से आकाश विजयवर्गीय का नाम भी उछलने लगा। पता चला कि आकाश इस कंपनी में 30 सितंबर 2017 से डायरेक्टर हैं।आकाश विजयवर्गीय ने वर्ष 2018 विधानसभा चुनाव के दौरान अपने शपथ पत्र में भी इस कंपनी की हिस्सेदारी का जिक्र किया था। उनके पास करीब 3.55 लाख रुपए की हिस्सेदारी दर्ज है। पाथ ग्रुप देशभर में टोल, हाईवे निर्माण और अन्य कंस्ट्रक्शन कार्यों से जुड़ा है। नितिन अग्रवाल इसके मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। कंपनी के डायरेक्टर मंडल में निपुन अग्रवाल, सक्षम अग्रवाल, नीति अग्रवाल और संतोष अग्रवाल शामिल हैं। इसके अलावा आशीष अग्रवाल और आदित्य उपाध्याय इंडिपेंडेंट डायरेक्टर हैं। समूह की एक दर्जन से ज्यादा कंपनियां अलगअलग प्रोजेक्ट्स पर कार्यरत हैं।

पहले से ही बदनाम है यह कंपनी

करीब दस साल पहले भी पाथ ग्रुप पर आयकर विभाग ने दबिश दी थी। तब खुलासा हुआ था कि राजस्थान में एक हाईवे निर्माण प्रोजेक्ट का ठेका अनिल अंबानी की कंपनी को मिला था। जिसे पाथ ग्रुप को सब-कॉन्ट्रैक्ट के रूप में सौंपा गया। इस दौरान दो अलग-अलग अनुबंध सामने आए थे। आरोप था कि सीक्रेट एग्रीमेंट के जरिए अतिरिक्त रकम को अलग-अलग कंपनियों के माध्यम से बाहर भेजा गया। बाद में दुबई से वापस भारत लाया गया। अनिल अंबानी समूह और पाथ इंडिया कंपनी के बीच भी कई कांट्रेक्ट को लेकर करार है। पाथ इंडिया लिमिटेड में भी मनी लांड्रिंग करते हुए करोड़ों रुपये दुबई की शेल कंपनी में भेजने की आशंका में ईडी ने यह कार्रवाई की है।

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