इंदौर। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआी) के गवर्नर संजय मल्होत्रा शनिवार को इंदौर में थे। इस अवर पर उन्होंने कहा कि भारत जल्द ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहा है। उन्होंने कहा कि जन–धन योजना के तहत 55 करोड़ लोगों के खाते खोले गए हैं। जन–धन योजना देश की तरक्की में मददगार है। उन्होंने ये बातें इंदौर में कहीं।
आरबीआई गर्वनर मल्होत्रा इंदौर के इंदौर के रंगवासा गांव में सरकारी बैंकों के कार्यक्रम ‘संतृप्ति शिविर‘ में शामिल होने आए थे। मल्होत्रा ने कहा कि आज दुनिया के (सबसे) विकसित देशों में भारत की गिनती पांचवें नंबर पर हो रही है। बहुत जल्द ही भारत इस सूची में तीसरा सबसे बड़ा देश बनने वाला है। मल्होत्रा ने कहा कि देश को आगे बढ़ाने के लिए हर व्यक्ति को साथ लेना जरूरी है। इसलिए जन–धन योजना शुरू की गई। इस योजना के तहत 55 करोड़ लोगों के खाते खोले गए हैं। इन लोगों को बचत, पेंशन, बीमा और लोन जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि जन–धन योजना के खाताधारक केवाईसी कराएं। केवाईसी का मतलब है अपने ग्राहक को जानें। इससे खाते का गलत इस्तेमाल होने से बचाया जा सकता है। केवाईसी कराने से बैंक को पता चलता है कि खाता किसका है। इससे धोखाधड़ी कम होती है।
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डिजिटल लेनदेन पर दिया जोर
मल्होत्रा ने कहा कि लोगों को डिजिटल तरीके से लेनदेन करना सीखना चाहिए। उन्हें वित्तीय मामलों के बारे में भी जानकारी होनी चाहिए। इससे वे बैंकिंग धोखाधड़ी से बच सकते हैं। आजकल ऑनलाइन फ्रॉड बहुत होते हैं। इसलिए लोगों को सावधान रहना चाहिए। उन्होंने लोगों से कहा कि वे डिजिटल बैंकिंग और यूपीआई का ज्यादा इस्तेमाल करें। यूपीआई एक ऐसा सिस्टम है जिससे आप अपने मोबाइल से ही पैसे भेज सकते हैं। यह बहुत आसान और सुरक्षित है।


