रेपो रेट में 50 बेसिस पॉइंट की कटौती, अब दर 5.5%: RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा का एलान
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने शुक्रवार को मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक के बाद नीतिगत ब्याज दरों में 50 आधार अंकों (0.50%) की कटौती का एलान किया। इसके साथ ही रेपो रेट अब 6% से घटकर 5.5% पर आ गया है।
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तीसरी बार लगातार दरों में कटौती
साल 2025 में यह लगातार तीसरी एमपीसी बैठक है, जिसमें ब्याज दरों में कटौती की गई है। इससे पहले की दो बैठकों में भी दरों में क्रमश: 25 और 35 आधार अंकों की कटौती की गई थी।
कम महंगाई दर बना कारण
RBI की इस नीति का मुख्य आधार खुदरा महंगाई में लगातार आ रही गिरावट है। मई 2025 में खुदरा महंगाई घटकर 2.7% तक पहुंच गई है, जो 73 महीनों का सबसे निचला स्तर है। खाद्य वस्तुओं की कीमतों में गिरावट और बेहतर आपूर्ति से महंगाई पर नियंत्रण बना हुआ है।
ब्याज दर में कटौती के प्रभाव
- होम और ऑटो लोन सस्ते हो सकते हैं, जिससे कर्ज लेने की लागत घटेगी।
- उपभोग और निवेश को बढ़ावा मिलने की संभावना है।
- व्यवसायों के लिए पूंजी की लागत कम होगी, जिससे आर्थिक गतिविधियों को रफ्तार मिलेगी।
आगे का संकेत
गवर्नर संजय मल्होत्रा ने संकेत दिया कि अगर महंगाई दर इसी तरह नियंत्रण में बनी रही और वैश्विक परिस्थितियां स्थिर रहीं, तो भविष्य में भी नीतिगत दरों में और कटौती संभव है।
निष्कर्ष
इस फैसले से जहां आम उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी, वहीं उद्योग और व्यापार जगत के लिए यह एक सकारात्मक संकेत है। आरबीआई के इस रुख से यह स्पष्ट होता है कि वह विकास को रफ्तार देने के लिए उदार मौद्रिक नीति बनाए रखने के पक्ष में है।


