भोपाल। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने रेत के अवैध खनन को लेकर सरकार पर जमकर हमला किया है। उन्होंने एक्स पर लिखा कि मध्यप्रदेश में अवैध खनन अपने चरम पर है। मुरैना में वन विभाग ने आधी रात को चंबल नदी से रेत लेकर जा रहे ट्रक को पकड़ा, जो मंत्री एदल सिंह कंसाना के बेटे बंकू भैया के प्लांट पर जा रहा था। ट्रक ड्राइवर ने खुद कबूला कि वह कई दिनों से यह अवैध काम कर रहा है और मंत्री जी के बेटे के कहने पर ट्रक चला रहा था। ये रेत माफिया अवैध कामों को करने के साथ कई गंभीर घटनाओं को भी अंजाम देते हैं।
नेता प्रतिपक्ष सिंघार ने कहा कि शहडोल में मई 2024 में एक दुखद घटना के तहत सहायक उप–निरीक्षक (एएसआई) महेंद्र बागरी को रेत से भरे ट्रैक्टर ने कुचल दिया। शहडोल में ही नवंबर 2023 में एक और घटना हुई थी जिसमें पटवारी प्रशन्न सिंह को भी रेत माफिया ने ट्रैक्टर से कुचलकर मार डाला था। शाजापुर में 2023 में एक महिला खनन निरीक्षक और होमगार्ड्स पर हमला हुआ था। माफिया ने उनके साथ मारपीट की थी। इनसे पता चलता है कि रेत माफिया को किसी का खौफ नहीं है। भाजपा सरकार के संरक्षण में रेत माफिया बेखौफ चंबल नदी को लूट रहे हैं। सवाल यह है। क्या इस मामले में कोई कार्रवाई होगी?
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पन्ना जिले के सरपंचों के इस्तीफे पर सवाल
नेता प्रतिपक्ष सिंघार ने एक अन्य ट्वीट में पन्ना जिले के सरपंचों के इस्तीफे पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा के संसदीय क्षेत्र पन्ना जिले के 60 सरपंचों ने मनरेगा में कम मजदूरी का आरोप लगाते हुए भाजपा से इस्तीफा दे दिया। पन्ना सरपंच संघ ने अपने इस्तीफे में इसके अलावा भी जो आरोप लगाए, वे काफी गंभीर हैं। उन्होंने साफ कहा कि मनरेगा में मजदूरी बहुत कम है और वह भी समय पर नहीं मिलती, इसलिए मजदूर वर्ग पलायन को मजबूर हो रहा। कांग्रेस ने अपनी योजना मनरेगा के जरिए ग्रामीण इलाक़ों में मजदूरों को काम देकर उनका पलायन रोका था, भाजपा इसे फेल करने में लगी है।



