इंदौर। शहर की विधानसभा तीन के सनातनी विधायक गोलू शुक्ला एक बार फिर कांवड़ यात्रा निकालने की तैयारी में जुटे हैं। सावन बस आने ही वाला है। हर साल गोलू भिया कांवड़ यात्रा में ताकत दिखाने के लिए सड़कें तो जाम करते ही हैं, साथ ही पूरे शहर को होर्डिंग-बैनर-पोस्टर से पाट देते हैं।
हालांकि गोलू भिया जब विधायक नहीं थे, तब से कांवड़ यात्रा निकाल रहे हैं। विधायक बनने के बाद इसका दायरा और बढ़ गया। कांवड़ यात्रा के माध्यम से राजनीति में भी अपनी धमक दिखाने का डबल मौका गोलू भिया छोड़ना नहीं चाहते, इसीलिए पूरी ताकत लगा देते हैं। इस बार भी पिछले साल से जबरदस्त तैयारी चल रही है।
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पूरे शहर में सिर्फ गोलू शुक्ला
हर साल सावन में देश के सबसे साफ शहर इंदौर में गोलू शुक्ला के अलावा कुछ दिखता नहीं। चौराहे, डिवाइडर, बिजली के खंबे, मार्ग संकेतक से लेकर कोई ऐसी जगह नहीं बचती जहां गोलू भिया अपने शिवभक्ति का प्रदर्शन करते नहीं दिखते। सीएम या कोई अन्य वीआईपी अगर उसी दौरान इंदौर आ जाता है तो उसे गोलू भिया से जलन होने लगती है। सीएम भी सोचते होंगे कि इससे अच्छा तो विधायक ही रहता।
आप सर्वशक्तिमान हो, थोड़ा रहम करो
इंदौर की जनता कह रही है कि गोलू भिया, माना कि आप शिव के परम भक्त हो, सर्वशक्तिमान हो लेकिन इस शहर पर थोड़ा रहम कर दो। यह शहर सफाई में आठ बार पूरे देश में नंबर वन आ चुका है। ऐसे में एक जिम्मेदार जनप्रतिनिधि होने के नाते आपका भी इसमें कोई योगदान तो बनता ही है। बस इतनी रहम कर देना कि इस बार शहर को अपने होर्डिंगों से बदरंग मत करना। बहुत ही खराब लगता है शहर।
ताकत दिखाने के लिए जाम लगा देना
हर साल जब आप कांवड़ यात्रा निकालते हो, आप जहां से गुजरते हो ट्रैफिक जाम हो जाता है। इंदौर के लोग इसे बुरा नहीं मानते, क्योंकि उन्हें जाम में चींटियों जैसे रेंग-रेंग कर चलने की आदत हो गई है। बेचारे करें भी क्या, आपके जैसे जनप्रतिनिधियों ने कभी शहर के ट्रैफिक की चिन्त की ही नहीं। और जनता भी यह समझ चुकी है कि नेता अगर सड़क पर ताकत नहीं दिखाएगा तो लोग उसे पहचानेंगे कैसे। इसलिए आप इस बार भी मनमर्जी पूरे शहर में जाम लगा देना, लेकिन होर्डिंग-बैनर के दाग से शहर को बचा लो तो कृपा होगी।
महापौरजी, आप भी पाल लेना थोड़ी चिन्ता
महापौर पुष्यमित्र भार्गव से भी जनता की अपील है कि वे भी थोड़ी चिन्ता पाल लेंगे। शहर में सफाई तो अभी राम भरोसे चल रही है, लेकिन होर्डिंग आदि की गंदगी न फैले, इतना ध्यान तो महापौरजी रख ही सकते हैं। वैसे भी नगर निगम के चुनाव भी अब ज्यादा दूर नहीं हैं, इसलिए महापौरजी को कोई राजनीतिक चिन्ता तो होनी नहीं चाहिए।



