इंदौर। लोकायुक्त की इंदौर इकाई ने 50 हजार की रिश्वत मांगने के आरोप में दो कार्यवाहक प्रधान आरक्षकों पर कार्रवाई की है। लोकायुक्त की टीम ने नेपानगर थाने के कार्यवाहक प्रधान आरक्षक दयाराम सिलवेकर को पकड़ने के लिए जाल बिछाया तो लालबाग थाने के कार्यवाहक प्रधान आरक्षक पवन शर्मा भी पकड़ में आ गए। दोनों पर भ्रष्टाचार अधिनियम की धारा के तहत कार्रवाई की जा रही है।
इसकी शिकायत दीपक पाटिल निवासी मुक्ताई नगर बस स्टैंड के पीछे मलकापुर, जिला–बुलढाना महाराष्ट्र ने राजेश सहाय, पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त इंदौर से की थी। इसमें आवेदक ने बताया था कि उसके दोस्त अभिजीत बिलास मसकर का ईटें निर्माण का कारख़ाना मलकापुर में है। नेपानगर से ईट निर्माण हेतु ठेकेदार के माध्यम से वह लेबर लेकर जाता है। पिछले वर्ष ठेकेदार इरफ़ान के माध्यम से उसके द्वारा लेबरों को 50 हज़ार रुपया का पेमेंट किया गया, लेकिन लेबर काम पर नहीं आए। इस पर उसके ठेकेदार इरफ़ान ने उक्त लेबर की मोटरसाइकल अपने पास रख ली जिस पर लेबर ने मोटरसाइकिल चोरी की शिकायत नेपानगर थाने में कर दी। नेपानगर थाने में पदस्थ कार्यवाहक प्रधान आरक्षक दयाराम सिलवेकर द्वारा कारख़ाना मालिक अभिजीत बिलास मसकर को भी उक्त शिकायत में आरोपी बनाने की धमकी देकर 50 हजार रुपए की रिश्वत मांगी जा रही थी।
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शिकायत के सत्यापन के बाद एसपी राजेश सहाय ने गुरुवार को ट्रैप दल का गठन कर बुरहानपुर भेजा। वहां सूर्यम रेसीडेंसी के मुख्य द्वार के सामने कार्यवाहक प्रधान आरक्षक पवन शर्मा को 50 हज़ार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ ट्रैप किया गया। आरोपी प्रधान आरक्षक दयाराम सिलवेकर बाहर होने के कारण लालबाग थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक पवन शर्मा को रिश्वत राशि लेने हेतु भेजा था। ट्रैप दल में निरीक्षक राजेश ओहरिया, आरक्षक विजय शेलार, शिव प्रसाद पाराशर,चंद्रमोहन बिस्ट, कृष्णा अहिरवार और शैलेन्द्र सिंह शामिल थे। आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा-7, एवम 61(2) बीएनस के तहत कार्रवाई की गई है।



