मुंबई। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार 6 जुलाई को शेयर बाजार हरे निशान में बंद हुआ। बीएसई सेंसेक्स 521.16 अंक चढ़कर 78,285.07 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 159.50 अंक की तेज के साथ 24,430.35 के स्तर पर पहुंच गया।
सेंसेक्स के 13 शेयर हरे निशान में रहे
सोमवार के कारोबार में सेंसेक्स के 30 में से 13 शेयर तेजी के साथ बंद हुए। एचडीएफसी बैंक में सबसे ज्यादा 3.37 फीसदी तेजी रही। इसके अलावा महिंद्रा एंड महिंद्रा, बीईएल, रिलायंस इंडस्ट्रीज, आईसीआईसीआई बैंक, भारती एयरटेल, मारुति, इटरनल, सन फार्मा, एशियन पेंट्स, टाटा स्टील, टाइटन और लार्सन एंड टुब्रो में तेजी रही। दूसरी ओर, कोटक बैंक में सबसे ज्यादा गिरावट आई। इसके अलावा टीसीएस, बजाज फिनसर्व, पावरग्रिड और एचसीएल टेक में भी गिरावट रही।
👉 यह भी पढ़ें:
- Stock Market : सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन हरे निशान में खुला शेयर बाजार, सेंसेक्स और निफ्टी उछले
- Stock Market : तीन दिन की छुट्टी के बाद सोमवार को शेयर बाजार की सुस्त चाल, सेंसेक्स और निफ्टी में उतार-चढ़ाव
- Stock Market सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को शेयर बाजार हुआ लाल, सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लुढके
- Stock Market : सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शेयर बाजार धड़ाम, सेंसेक्स और निफ्टी लगा रहे गोता
- शेयर बाजार पर दिखा अमेरिका-ईरान शांति समझौते का असर, सेंसेक्स और निफ्टी में तूफानी तेजी
- सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को हरे निशान में शेयर बाजार, सेंसेक्स और निफ्टी उछले
इन शेयरों ने भरा सबसे ज्यादा दम
आज के कारोबार में एचडीएफसी बैंक, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, ओएनजीसी, बजाज ऑटो और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयर सबसे ज्यादा फायदे में रहे। दूसरी ओर कोटक महिंद्रा बैंक, टीसीएस, मैक्स हेल्थकेयर, बजाज फिनसर्व और कोल इंडिया के शेयरों में गिरावट देखने को मिली।
रियल्टी सेक्टर रहा सबसे आगे
अगर सेक्टर की बात करें तो रियल्टी सेक्टर सबसे आगे रहा और इसमें 1.8% की तेजी आई। इसके अलावा कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, ऑटो, ऑयल एंड गैस, मेटल और एनर्जी सेक्टरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली। हालांकि मीडिया, पीएसयू बैंक और आईटी सेक्टर दबाव में रहे।
इन कारणों से बाजार में उठाव
बाजार में तेजी आने के पीछे कई बड़े कारण हैं। पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव कम होने से कच्चे तेल की कीमतें करीब 72 डॉलर प्रति बैरल पर बनी हुई हैं। इससे भारत की अर्थव्यवस्था और महंगाई पर दबाव कम होने की उम्मीद बढ़ी है। इसके अलावा अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख की आशंका कम हुई है। अच्छी मानसून की स्थिति, विदेशी निवेशकों (FPI) की वापसी और वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी छमाही में कंपनियों के बेहतर नतीजों की उम्मीद ने भी निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। एनएसडीए के आंकड़ों के मुताबिक 3 जुलाई तक विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार में 708 करोड़ रुपये का निवेश किया है।



