कांग्रेस का मिशन 2028: पचमढ़ी में राहुल गांधी ने जिला अध्यक्षों से किया संवाद, वरिष्ठ नेताओं से कहा-निचले स्तर तक मजबूत करें पार्टी

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भोपाल। कांग्रेस नेता राहुल गांधी आज पचमढ़ी पहुंचे। उन्होंने वहां जिला अध्यक्षों से संवाद किया। वरिष्ठ नेताओं से संगठन मजबूत करने पर चर्चा की। राहुल गांधी ने वरिष्ठ नेताओं से कहा कि निचले स्तर तक पार्टी को मजबूत करें। उन्होंने किसानों और आम जनता से समस्याएं उठाने और पार्टी संगठन के साथ मिलकर काम करने की बात भी कही।

राहुल गांधी कांग्रेस के जिला अध्यक्षों के प्रशिक्षण शिविर में भी शामिल हुए। जहां उन्होंने जिला अध्यक्षों से संवाद किया। साथ ही पार्टी संगठन को मजबूत करने और मिशन 2028 के तहत सरकार बनाने का लक्ष्य देकर जुट जाने को कहा है। राहुल गांधी के साथ मीटिंग में पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल, पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव, पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ गोविंद सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया और अशोक सिंह मौजूद रहे।

2028 के चुनाव पर पूरा फोकस

राहुल गांधी ने सत्ता में आने के लिए संगठन को मजबूत करने पर जोर दिया है। उन्होंने पार्टी के आगामी राजनीतिक एजेंडे और संगठनात्मक रणनीति पर विस्तृत चर्चा की है। उनका फोकस 2028 में होने वाले विधानसभा चुनाव पर है। उन्होंने सभी से संवाद करते हुए मिशन-2028 के तहत मध्य प्रदेश में सरकार बनाने का संकल्प दोहराया। राहुल ने जिला अध्यक्षों से कहा कि पार्टी की नीतियों और जनता के मुद्दों को गांवगांव तक पहुंचाने का काम प्राथमिकता से करना है। इस दौरान उन्होंने सभी जिलाध्यक्षों से संवाद करते हुए उनके सुझाव भी लिए हैं। राहुल गांधी ने संगठन को मजबूत करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि अगर चुनाव जीतना है तो संगठन को घरघर तक पहुंचाना है। राहुल गांधी ने जिलाध्यक्षों से कहा कि सभी को साथ लेकर चलना है, क्योंकि हम केवल मामूली अंतर से चुनाव हार रहे हैं, इसलिए सबको मिलकर लड़ना होगा, इससे ही कांग्रेस की सरकार बनेगी।

पचमढ़ी में ही करेंगे रात्रि विश्राम

राहुल गांधी शनिवार दोपहर करीब 3:30 बजे पचमढ़ी पहुंचे। वे हेलीपैड से सीधे होटल हाईलैंड के लिए रवाना हो गए। राहुल गांधी आज पचमढ़ी में ही रुकेंगे। उनका रात्रि विश्राम पहाड़ी पर बने रविशंकर भवन में होगा। राहुल गांधी रविवार सुबह 10.20 बजे हेलिकॉप्टर से भोपाल के लिए रवाना होंगे। इसके बाद दिल्ली रवाना होंगे।

एमपी आने से पहले मिड-डे मील पर किया था पोस्ट

राहुल गांधी ने मध्यप्रदेश आने से पहले मिड-डे मिल को लेकर एक्स पर पोस्ट किया था। उन्होंने मध्यप्रदेश के श्योपुर के विजयपुर में बच्चों के रद्दी पर मिडडे मील खाने वाला वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा था कि ये वही मासूम बच्चे हैं जिनके सपनों पर देश का भविष्य टिका है, और उन्हें इज्जत की थाली तक नसीब नहीं। राहुल गांधी ने लिखा– 20 साल से ज्यादा की भाजपा सरकारऔर बच्चों की थाली तक चुरा ली गई। इनकाविकासबस छलावा है। सरकार में आने का असली राज तोव्यवस्थाहै। शर्म आनी चाहिए ऐसे मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को जो देश के बच्चों, भारत के भविष्य का इस दुर्दशा से पालनपोषण कर रहे हैं।

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इंदौर। सिनेमाघरों में आज यानी शुक्रवार 17 अप्रैल को अक्षय कुमार की बहुप्रतीक्षित फिल्म भूत बंगला ने दस्तक दी, वहीं हॉलीवुड की हॉरर-साइकोलॉजिकल थ्रिलर  ’द ममी’ भी रिलीज हो रही है। इन दोनों भूतों ने आज से सिनेमाघरों पर कब्जा जमा लिया है। डर के साथ हंसी का भी तड़का लगा रही भूत बंगला इस फिल्म से सबसे सफल और लोकप्रिय निर्देशक-अभिनेता जोड़ी प्रियदर्शन और अक्षय कुमार की वापसी हुई है, इसलिए प्रशंसक इस जोड़ी को एक बार फिर हॉरर-कॉमेडी शैली में कमाल करते देखने के लिए उत्साहित हैं। फिल्म दुनिया भर में रिलीज हो चुकी है और दर्शकों की शुरुआती प्रतिक्रिया अच्छी है। जैसा कि नाम से पता चलता है, भूत बंगला की कहानी एक सुनसान घर के इर्द-गिर्द घूमती है जो बुराई और भय का केंद्र बन जाता है। बॉलीवुड हॉरर फिल्मों में भूतिया घर हमेशा से एक महत्वपूर्ण विषय रहा है, लेकिन यह फिल्म हर फ्रेम में डरावने दृश्यों के साथ-साथ हास्य का भी तड़का लगाती है। फिल्म देखने में मजेदार है। अक्षय, राजपाल यादव और परेश रावल के बीच के दृश्य बेहतरीन ढंग से फिल्माए गए हैं। फिल्म का पहला भाग बेहद मजेदार है, लेकिन दूसरे भाग में इसकी लय बिगड़ जाती है। तकनीकी रूप से फिल्म काफी कमजोर है और कुछ जगहों पर इसकी छायांकन और संवाद प्रस्तुति में भी कमी है। भारतीय हॉरर कहानियों में महिला भूत मुख्य विषय रहे हैं। कहानी का विचार प्रचलित है और हमने हिंदी सिनेमा में ऐसी कई हॉरर कहानियां पहले भी देखी हैं, लेकिन इसका प्रस्तुतीकरण नया है और अक्षय अपने दमदार कॉमेडी अंदाज से अपने प्रशंसकों को खुश करते हैं। यह एक बार देखने लायक अच्छी फिल्म है, बस इससे कुछ असाधारण और अनोखा होने की उम्मीद न करें, क्योंकि यह विशुद्ध मनोरंजन है। बेहद डरावनी और खौफनाक है द ममी यह एक हॉरर, मनोवैज्ञानिक थ्रिलर है जिसे आयरिश निर्देशक ली क्रोनिन ने निर्देशित किया है, जिन्होंने इससे पहले इसी शैली में "द होल इन द ग्राउंड" और "ईविल डेड राइज़" जैसी फिल्में निर्देशित की हैं। संक्षेप में, द ममी को द एक्सोरसिस्ट और हेरेडिटरी फिल्मों का मिश्रण कहा जा सकता है। इसकी कथा शैली प्रभावशाली है, इसमें पर्याप्त स्टाइल और डरावने दृश्य हैं। फिल्म में जैक रेनर, लाइया कोस्टा, नताली ग्रेस और मे कैलामावी जैसे कलाकार हैं। कहानी तीन बच्चों और माता-पिता के एक परिवार के इर्द-गिर्द घूमती है, जिन्होंने एक प्राचीन कलाकृति को संभाल कर रखा है जिसमें बुरी आत्माएं निवास करती हैं। इस कलाकृति को नष्ट करना जरूरी है, इससे पहले कि वह बाहर निकलकर परिवार को नुकसान पहुंचाए। फिल्म डरावनी और खौफनाक है, लेकिन इस शैली के प्रशंसकों को इसे जरूर देखना चाहिए।