महिला आरक्षण बिल को लेकर भोपाल की सड़कों पर उतरी भाजपा, सीएम यादव ने कहा-कभी नहीं भूलेगी नारी अपना अपमान

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भोपाल। लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पास नहीं होने के बाद से भाजपा विपक्ष पर लगातार हमला कर रही है। भोपाल में सोमवार को मध्य प्रदेश भाजपा ने सोमवार को जन आक्रोश महिला पद यात्रा निकाली। इसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल सहित अनेक नेता व कार्यकर्ता शामिल हुए। सीएम यादव ने कांग्रेस पर वार करते हुए कहा कि नारी अपना अपमान कभी नहीं भूलेगी।

सीएम यादव ने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने महिलाओं के अधिकार का बिल गिरने पर खुशियां मनाईं। जश्न मनाया। हम बहनों के अधिकार को कुचलने के खिलाफ विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर निंदा प्रस्ताव पारित करेंगे। सीएम ने कहा कि  प्रियंका गांधी बड़ी-बड़ी बातें करती थीं कि मैं नारी हूं, लड़ सकती हूं। लेकिन वह बड़ी-बड़ी बातें कहां गईं, जब आपने बहनों के अधिकारों को फांसी देने का काम किया।

कांग्रेस ने इस गंभीर मुद्दे का उड़ाया मजाक

सीएम यादव ने कहा कि  कांग्रेस ने महिला आरक्षण जैसे गंभीर मुद्दे का मजाक उड़ाया है। कांग्रेस ने आजादी के समय शुरू की अपनी परंपरा को निभाया। प्रियंका-राहुल के पिता ने भी तीन तलाक के कानून को लेकर बहनों के अधिकार पर डाका डाला था। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने महिलाओं के अधिकारों को कुचलने का काम किया है। उन्होंने कहा कि बहनों की इच्छा कुचलने वालों को कब्र से निकालकर सजा दी जाएगी।

कांग्रेस नहीं चाहती-बहनों को अधिकार मिले

सीएम डॉ. यादव ने कहा कि महिलाओं के अधिकारों के साथ अन्याय करने वालों को देश कभी माफ नहीं करेगा। उन्होंने मंच से कहा कि बहनों की इच्छा का दमन करने वालों को सजा जरूर मिलेगी। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि वे अपने इस आक्रोश को देश के सामने मजबूती से रखें। उन्होंने यह भी कहा कि भारत की परंपरा में नारी का सम्मान सर्वोपरि रहा है और इसे किसी भी हाल में कम नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि  कांग्रेस को अपने कर्मों की कीमत चुकानी होगी। इस पार्टी ने हमारी बहनों के अधिकार छीनने का काम किया है। नारी शक्ति वंदन विधेयक को जिस तरह से सदन में गिराया गया, उससे स्पष्ट है कि वे नहीं चाहते कि हमारी बहनों को उनका अधिकार मिले, लेकिन अब हमारी बहनें चुप नहीं बैठेंगी। हम लोकतांत्रिक तरीके से, सड़क से लेकर संसद तक अपनी बहनों के साथ मिलकर कांग्रेस का विरोध करेंगे।

खंडेलवाल ने कहा-यह राजनीतिक विषय नहीं

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि महिला आरक्षण कोई राजनीतिक विषय नहीं, बल्कि महिलाओं का अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने इस पर सहयोग नहीं किया और महिलाओं की उम्मीदों को ठेस पहुंचाई। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद राजनीतिक दलों ने इस पर बात भी की। लेकिन, जब फैसला लागू करने का समय आया, तो विपक्ष ने रोड़ा अटका दिया। हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि जब मौका लगे, तब बहनें अपना आक्रोश दिखाएं। कांग्रेस के नेताओं से पूछे कि बहनों को अपमानित करने का अधिकार आपको किसने दिया? कांग्रेसियों के घर जाकर पूछें कि जो बहन आपके घर की शोभा बढ़ाती है, जिस मां ने आपको जन्म दिया, उनके सपनों को चूर-चूर करने का हक किसने दिया?

महिलाओं के साथ सड़कों पर उतरे सीएम

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं गांव-गांव से पहुंचीं और हाथों में नारे लिखे पोस्टर लेकर पदयात्रा में शामिल हुईं। माहौल पूरी तरह आक्रोश और जोश से भरा रहा। मुख्यमंत्री स्वयं भी पदाधिकारियों और महिलाओं के साथ सड़क पर उतरे। इस दौरान मंच से सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी हुईं।

Harish Fatehchandani
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Harish Fatehchandani is a dedicated journalist with over a decade of experience in the media field. He is respected for his consistent and honest reporting.

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लेकिन 140 वर्ष से भी अधिक पुरानी इस प्रतिष्ठित और अग्रणी शैक्षणिक संस्था की गरिमा, निष्पक्षता और स्वतंत्र स्वरूप हर समय सुरक्षित रहना चाहिए। ठीक इसी कारण से, भाजपा और उससे जुड़े सहयोगी राजनीतिक संगठनों के कार्यक्रमों के लिए इस परिसर का वर्तमान में बार-बार किया जा रहा उपयोग अत्यंत चिंताजनक और किसी भी तरह से उचित नहीं ठहराया जा सकने वाला कृत्य है। संस्था की साख को पहुंचा नुकसान दिग्वजिय सिंह ने लिखा है कि इस तरह के कार्यक्रमों के लिए कैंपस का बार-बार इस्तेमाल करने से स्कूल की साख को बहुत नुकसान पहुँचा है। इससे अभिभावकों, छात्रों, पूर्व छात्रों, पूर्व पदाधिकारियों और आम जनता की नज़र में संस्था का नैतिक अधिकार कम हो गया है। इससे भी बुरी बात यह है कि इससे एक गंभीर और जायज़ आशंका पैदा हो गई है कि संस्था की देखरेख की ज़िम्मेदारी जिन लोगों को सौंपी गई है, वे ही संस्था की आज़ादी से समझौता कर रहे हैं। जो लोग डेली कॉलेज से जुड़े पदों पर हैं, वे ऐसा एक महान विरासत के संरक्षक के तौर पर करते हैं, न कि किसी पक्षपातपूर्ण दखल को बढ़ावा देने वाले के तौर पर। पत्र में उठाए कई सवाल दिग्विजय सिंह ने पत्र में कई सवाल भी उठाए हैं। 1. किसके अधिकार से डेली कॉलेज के परिसर को, प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से, ऐसे कार्यक्रमों और गतिविधियों के लिए उपलब्ध कराया गया था; 2. इस संबंध में क्या मंज़ूरियां, अनुमतियाँ या प्रशासनिक फ़ैसले लिए गए थे; 3. क्या बोर्ड ऑफ़ गवर्नर्स को कैंपस के इस तरह के इस्तेमाल के बारे में सूचित किया गया था; 4. बाहरी संस्थाओं द्वारा स्कूल परिसर के इस्तेमाल को नियंत्रित करने वाली क्या नीति मौजूद है, खासकर उन संस्थाओं के लिए जिनका किसी राजनीतिक दल या विचारधारा से जुड़ाव हो; और 5. हाल के वर्षों में ऐसे कितने कार्यक्रमों की अनुमति दी गई है, चाहे वे सीधे तौर पर राजनीतिक हों या राजनीतिक रूप से जुड़े हुए हों। सबसे बड़ा सवाल किसने दी मंजूरी पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने इस कार्यक्रम की मंजूरी को लेकर सवाल उठाए हैं, वही सवाल आम जनता के मन में भी है। आखिर किसने इस आयोजन की मंजूरी दी। किसके कहने से इस तरह के आयोजन लगातार हो रहे हैं। न सिर्फ आयोजन हो रहे हैं, बल्कि पूरे परिसर में भाजपा का झंडा, बैनर-पोस्टर लगाकर उसे एक पार्टीमय किया जा रहा है। नगर अध्यक्ष की भूमिका पर भी उठ रहे सवाल इस मामले में नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। भाजपा के लोग कह रहे हैं कि जब उन्हें डेली कॉलेज के अंदर चल रही राजनीति की पूरी जानकारी है, तब वे किसके इशारे पर बार-बार वहां आयोजन करा रहे हैं। डेली कॉलेज बोर्ड का चुनाव भी होना है। इसके लिए वहां राजनीतिक माहौल गर्म है। यह भी सबको पता है कि डेली कॉलेज बोर्ड में दिग्विजय सिंह का कितना दखल है, फिर किसको फायदा या नुकसान पहुंचाने कि लिए नगर अध्यक्ष वहां आयोजन करा रहे हैं।