नई दिल्ली। पहलगाम के बैसारन घाटी में हुए हमले में आतंकवादियों ने पाकिस्तानी हथियारों का इस्तेमाल किया था। इसका खुलासा इस हमले को लेकर लिखाई एफआईआर में हुआ है। एफआईआर की कॉपी में यह भी खुलासा हुआ है कि हमले की प्लानिंग कहां की गई है। एनआईए अब इस पूरे मामले की जांच कर रहा है।
पहलगाम आतंकी हमले की एफआईआर से कई बड़े खुलासे हुए हैं। इससे पता चला है कि पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स ने इस हमले का पूरा प्लान बनाया था। उन्होंने आतंकियों के भारत में जाने का रास्ता भी तय किया था। हैंडलर्स ने आतंकियों के लिए हथियार भी उपलब्ध करवाए। हमले में पाकिस्तानी हथियारों का ही इस्तेमाल हुआ था। इस हमले के बाद भारतीय न्याय संहित (बीएनएस) 2023 की धारा 103, 109, 61, 7, 27, 16, 18 और 20 के तहत एफआईआर दर्ज हुई है।
एंट्री और एग्जिट पॉइंट पर खड़े थे आतंकी
एनआईए की जांच में पता चला है कि आतंकियों ने किस तरह घटना को अंजाम दिया था, जिससे लोगों को घटनास्थल से भागने तक का मौका नहीं मिल पाया। इसके साथ ही एनआईए ने पहलगाम जिप लाइन ऑपरेटर से भी पूछताछ की है, जिसने बताया है कि घटना के दौरान उसने अल्लाहु–अकबर का नारा क्यों लगाया था। जांच में पता चला है कि आतंकियों ने लोगों को घेरकर गोली मारी थी, जिसके लिए उन्होंने एक रणनीति बनाई थी। रणनीति के तहत एंट्री और एग्जिट पॉइंट पर आतंकी खड़े थे। जांच के दौरान ये सामने आया है कि 2 आतंकी पेड़ों के पीछे से एक तरफ से आए थे और पूरी रणनीति के साथ हमला किया गया था। जब हमलावरों ने गोलीबारी शुरू की तो वे जानते थे कि लोग घबराकर एंट्री और एग्जिट पॉइंट की ओर भागेंगे। इसी रणनीति के तहत दोनों आतंकी एंट्री और एग्जिट पॉइंट पर खड़े हो गए लोगों को गोली मार दी।


