उमर अब्दुल्ला ने शहबाज शरीफ की जांच पेशकश पर उठाए सवाल, कहा- पाकिस्तान के बयानों को नहीं देते महत्व
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ द्वारा पहलगाम हमले की जांच में भागीदारी की पेशकश को सिरे से खारिज कर दिया है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वह इस्लामाबाद से आने वाले बयानों को ज्यादा महत्व नहीं देते। उन्होंने पाकिस्तान पर भारत पर झूठे आरोप लगाने का आरोप भी लगाया और इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि पहले तो पाकिस्तान ने 22 अप्रैल को हुए पहलगाम हमले को स्वीकार ही नहीं किया था, जिसमें 26 लोग मारे गए थे। बाद में, पाकिस्तान ने इस हमले के लिए भारत को ही दोषी ठहराने की कोशिश की। मुख्यमंत्री ने कहा, “सबसे पहले उन्होंने हमारे ऊपर ही आरोप लगाए। ऐसे में उनके बयानों पर भरोसा करना बेहद मुश्किल है।”
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उमर ने कहा, “मैं पाकिस्तान के नेताओं के बयानों पर ज्यादा टिप्पणी नहीं करना चाहता हूं। यह घटना नहीं होनी चाहिए थी।”
सिंधु जल संधि को हमले से जोड़ने पर भी जताई नाराजगी
सिंधु जल संधि और चिनाब नदी पर बनाए जा रहे बांधों को लेकर पूछे गए सवाल पर उमर अब्दुल्ला ने कहा कि इन दोनों मामलों को जोड़ने का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया, “जल संधि का इन परियोजनाओं से कोई लेना-देना नहीं है। सिंधु जल संधि निलंबित है या नहीं, इसका इन परियोजनाओं से कोई संबंध नहीं है।”
बता दें कि मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला रामबन क्षेत्र में अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन के बाद स्थिति का जायजा लेने पहुंचे थे। वहीं, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भारत के कड़े रुख के बाद कहा था कि पाकिस्तान किसी भी तटस्थ, पारदर्शी और विश्वसनीय जांच में भाग लेने के लिए तैयार है।
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