नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने जम्मू-कश्मीर और हरियाणा में चुनावों का ऐलान कर दिया है। चुनाव आयोग ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जम्मू-कश्मीर में तीन चरणों में 18 सितंबर से मतदान की घोषणा की है। हरियाणा में एक अक्टूबर को वोट डाले जाएंगे। मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार ने ने कहा कि जम्मू–कश्मीर में पहले चरण का मतदान 18 सितंबर को, दूसरे चरण का मतदान 25 सितंबर को और तीसरे चरण का मतदान एक अक्टूबर को होगा। मतगणना चार अक्टूबर को होगी। इसी तरह से हरियाणा में विधानसभा चुनाव के लिए एक अक्टूबर को मतदान और चार अक्टूबर को मतगणना होगी।
मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा कि जम्मू कश्मीर के लोग तस्वीर बदलना चाहते हैं। जम्मू-कश्मीर के लोगों ने हिंसा को नकारा है। उन्होंने कहा कि 20 अगस्त को मतदाता लिस्ट जारी होगी। निर्वाचन आयोग को जम्मू–कश्मीर में 30 सितंबर से पहले विधानसभा चुनाव कराने थे। यह समय सीमा सुप्रीम कोर्ट ने तय की थी। आयोग ने चुनाव संबंधी तैयारियों का जायजा लेने के लिए हाल में जम्मू–कश्मीर और हरियाणा का दौरा किया था।
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114 सीटें, 90 पर ही होंगे चुनाव
जम्मू-कश्मीर में कुल 114 विधानसभा सीटें हैं लेकिन राज्य में विधानसभा सीटों के डिलीमिटेशन के बाद चुनाव केवल 90 सीटों पर ही होंगे।114 सीटों में 24 सीटें पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर के क्षेत्रों के लिए आरक्षित हैं, जिसका अर्थ है कि उन पर चुनाव नहीं लड़ा जा सकता है। इसलिए चुनाव के लिए उपलब्ध सीटों की प्रभावी संख्या 90 है। जम्मू संभाग में 43 और कश्मीर संभाग में 47 सीटें हैं। राज्य का विशेष दर्जा खत्म होने के बाद यहां पहली बार विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं।
इससे पहले 2014 में हुए थे चुनाव
राज्य में पिछले विधानसभा चुनाव 10 साल पहले नवंबर-दिसंबर 2014 में हुए थे। जम्मू और कश्मीर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के गठबंधन ने राज्य सरकार बनाई, जिसमें मुफ्ती मोहम्मद सईद मुख्यमंत्री बने। मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद का 7 जनवरी 2016 को निधन हो गया। फिर राज्यपाल शासन कम समय के लिए लगा। फिर महबूबा मुफ्ती मुख्यमंत्री बनीं थीं।



