भारतीय नौसेना का ऑपरेशन, 35 समुद्री लुटेरों का सरेंडर
भारत का युद्धक जहाज आईएनएस कोलकाता अरब सागर में सभी 35 समुद्री लुटेरों को घेरने और उन्हें आत्मसमर्पण करने को मजबूर करने में कामयाब रहा है. भारतीय नौसेना के प्रवक्ता के एक्स हैंडल से किए एक ट्वीट में बताया गया है कि 40 घंटे तक चले अभियान के बाद अपहृत जहाज एमवी रुएन से चालक दल के 17 सदस्य सकुशल बचा लिए गए.इस ट्वीट में बताया गया, आईएनएस कोलकाता ने भारत के तट से लगभग 1,400 नॉटिकल मील (2,600 कि.मी.) दूर समुद्री लुटेरों के जहाज रुएन को रोका था.
👉 यह भी पढ़ें:
- हिंद महासागर में भारतीय नौसेना का दम! INS Kolkata ने समुद्री लुटेरों का हमला किया नाकाम
- पुतिन की भारत यात्रा से पहले अमेरिका का बड़ा कदम: भारतीय नौसेना को मिलेगा 94.6 करोड़ डॉलर का सुरक्षा बढ़ाने वाला पैकेज
- भारतीय नौसेना को मिला नया ‘साइलेंट हंटर’: 80% स्वदेशी तकनीक से बना माहे युद्धपोत आज होगा बेड़े में शामिल
- भारतीय नौसेना के बेड़े में शामिल होगा ‘INS एंड्रोथ’, बढ़ेगी पनडुब्बी रोधी क्षमता

इस अभियान में आईएनएस सुभद्रा व समुद्री गश्ती विमान का साथ मिला. वहीं सी 17 एयरक्राफ्ट से भारतीय नौसेना के मार्कोस कमांडो के जवान जहाज पर उतारे गए. इन सब के सामूहिक प्रयासों ने समुद्री डकैतों के जहाज को रुकने के लिए मजबूर कर दिया.नौसेना के प्रवक्ता के अनुसार, जहाज की छानबीन करके वहां से अवैध हथियार, गोला-बारूद और प्रतिबंधित सामग्री साफ कर दी गई है.अपने बयान में भारतीय नौसेना ने बताया कि जहाज पर अभियान शुरू करने से पहले उसने लुटेरों से तुरंत सरेंडर करने और बंधक लोगों को छोड़ने को कहा गया.बताया गया है कि ये सभी समुद्री लुटेरे सोमालिया के रहने वाले हैं.


