भारत-अमेरिका रक्षा सहयोग: ₹11.08 अरब के सैन्य सौदे को मिली मंजूरी
भारत को अमेरिका से ₹11.08 अरब (लगभग 1.31 बिलियन अमेरिकी डॉलर) मूल्य के सैन्य हार्डवेयर और रसद सहायता मिलने की राह प्रशस्त हो गई है। अमेरिका के रक्षा विभाग के अंतर्गत कार्यरत रक्षा सुरक्षा सहयोग एजेंसी (DSCA) ने इस संभावित सौदे को अमेरिकी कांग्रेस को सूचित कर दिया है।
👉 यह भी पढ़ें:
- India-Russia Defence Deal: भारत के लिए रूस का मेगा डिफेंस प्रस्ताव, दुनिया भर में बढ़ी चर्चा
- India-US Trade Deal: ट्रंप ने फिर किया बड़ा दावा, बोले- मोदी मेरे दोस्त हैं, जल्द होगी डील!
- Donald Trump vs Congress: ईरान युद्ध पर ट्रंप को बड़ा झटका, हाउस ने सैन्य कार्रवाई रोकने वाला प्रस्ताव किया पास
- Israel-Lebanon Ceasefire Deal: क्या थम जाएगी जंग? हिजबुल्लाह के सामने रखी गई बड़ी शर्त
यह मंजूरी ऐसे समय में आई है जब अमेरिका, खासतौर पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन के समय से, भारत के साथ रक्षा सहयोग को मजबूत करने की दिशा में लगातार प्रयासरत रहा है। इस सौदे का उद्देश्य भारत की रक्षा क्षमताओं को बढ़ाना और इंडो-पैसिफिक समुद्री डोमेन में निगरानी और जागरूकता को बेहतर बनाना है।
DSCA का मिशन विश्व भर के साझेदार देशों की सुरक्षा क्षमताओं को बढ़ाना और अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा व विदेश नीति के लक्ष्यों को आगे बढ़ाना है। भारत को मिलने वाली इस सहायता में ‘सी-विजन सॉफ्टवेयर’, ‘रिमोट सॉफ्टवेयर’, और विश्लेषण से जुड़ी तकनीकी सहायता भी संभावित रूप से शामिल है।
भारत ने अमेरिका से समुद्री क्षमताओं को मजबूत करने के लिए ‘सी विजन’ दस्तावेजों और रसद से जुड़ी सुविधाओं तक पहुंच की मांग की थी। इस प्रस्ताव पर अमेरिका की सहमति की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल भारतीय अधिकारियों द्वारा नहीं की गई है।
यह प्रस्तावित सौदा न केवल भारत की सुरक्षा को सुदृढ़ करेगा, बल्कि अमेरिका-भारत रणनीतिक साझेदारी को और अधिक गहराई देगा। दोनों देश हिंद-प्रशांत और दक्षिण एशिया क्षेत्रों में शांति, राजनीतिक स्थिरता और आर्थिक प्रगति के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।


