इंडिगो सेवाओं में संकट के बाद सरकार सख्त: एयरपोर्ट्स पर रियल-टाइम मॉनिटरिंग, अधिकारियों की तैनाती
इंडिगो एयरलाइन की सेवाओं में जारी बाधाओं के बाद केंद्र सरकार एक्टिव मोड में आ गई है। यात्रियों को हो रही दिक्कतों को कम करने के लिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। मंत्रालय ने कहा है कि जहां भी कमी या लापरवाही मिलेगी, उसे तुरंत ठीक किया जाएगा।
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3 दिसंबर से एयरपोर्ट्स की रियल-टाइम मॉनिटरिंग
इंडिगो की उड़ानों में लगातार आ रही तकनीकी और संचालन संबंधी गड़बड़ियों के कारण देशभर में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई थी।
इस पर सरकार ने:
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3 दिसंबर से सभी हवाई अड्डों की स्थिति रियल-टाइम में मॉनिटर करना शुरू किया,
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उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक बुलाई, जिसमें वरिष्ठ अधिकारियों ने पूरा अपडेट लिया।
अधिकारियों को एयरपोर्ट भेजा गया
मंत्रालय ने यात्रियों की परेशानी को ध्यान में रखते हुए अपने वरिष्ठ अधिकारियों को देशभर के एयरपोर्ट्स पर भेजने के आदेश दिए हैं।
इनका काम होगा:
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एयरलाइन संचालन को जमीन पर जाकर जांचना,
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यात्रियों से सीधे बात कर उनकी शिकायतें जानना,
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तुरंत सुधार की कार्रवाई सुनिश्चित करना।
सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इंडिगो का DGCA को जवाब
इसके पहले इंडिगो ने DGCA के कारण बताओ नोटिस का जवाब दिया।
एयरलाइन ने बताया कि संकट किसी एक गलती की वजह से नहीं बल्कि कई कारणों के एक साथ आने का परिणाम था:
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सर्दियों के समय के कारण उड़ान शेड्यूल में बदलाव
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मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियां
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एविएशन सिस्टम की बढ़ी हुई भीड़भाड़
एयरलाइन ने कहा कि यह “कई वजहों का दुर्भाग्यपूर्ण और अप्रत्याशित संयोग” था।
इंडिगो ने यात्रियों से मांगी माफी


