ईपीएफओ ने पीएफ निकासी प्रक्रिया को किया और आसान, चेक लीफ अपलोड करने की अनिवार्यता समाप्त
ऑनलाइन निकासी प्रक्रिया में बड़ा बदलाव
सरकार ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के सदस्यों के लिए पीएफ खाते से ऑनलाइन धनराशि निकासी प्रक्रिया को सरल बना दिया है। अब आवेदकों को यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (यूएएन) या पीएफ नंबर से जुड़े बैंक खाते की चेक लीफ या पासबुक की सत्यापित फोटो कॉपी अपलोड करने की जरूरत नहीं होगी।
नियोक्ता की मंजूरी की आवश्यकता समाप्त
पहले, नियोक्ताओं को भी आवेदक के बैंक खाते के विवरण को सत्यापित और स्वीकृत करना जरूरी था, जिससे प्रक्रिया में देरी होती थी। अब इस अनिवार्यता को समाप्त कर दिया गया है, जिससे लगभग 8 करोड़ ईपीएफ सदस्यों को लाभ होगा।
दावा प्रक्रिया में तेजी
ईपीएफओ के अनुसार, यह कदम दावा निपटान प्रक्रिया को तेज करने और अस्वीकृत दावों की संख्या कम करने में मदद करेगा। पहले नियोक्ताओं द्वारा बैंक खाते के सत्यापन में औसतन 13 दिन का समय लगता था, जिससे पीएफ निकासी में देरी होती थी। नई प्रक्रिया के तहत यह समय बच जाएगा।
पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद लागू हुआ नियम
ईपीएफओ ने शुरुआत में केवाईसी-अपडेटेड सदस्यों के लिए इस नियम को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में 28 मई 2024 को लागू किया था।
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पायलट के दौरान 1.7 करोड़ ईपीएफ सदस्यों को इस प्रक्रिया का लाभ मिला।
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सफलता को देखते हुए अब इसे सभी ईपीएफओ सदस्यों के लिए लागू कर दिया गया है।
लाखों लंबित मामलों को मिलेगी राहत
वर्तमान में 7.74 करोड़ सक्रिय ईपीएफ सदस्य हैं, जिनमें से 4.83 करोड़ सदस्यों ने अपने बैंक खातों को यूएएन से लिंक कर लिया है।
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14.95 लाख निकासी अनुरोध नियोक्ताओं की मंजूरी के अभाव में लंबित थे, जो अब तुरंत मंजूर हो सकेंगे।
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आधार-आधारित ओटीपी के जरिए आईएफएससी कोड के साथ नया बैंक खाता दर्ज करना और पहले से जुड़े खाते को बदलना भी आसान होगा।


