तृणमूल सांसद सागरिका घोष ने किरेन रिजिजू के ख़िलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की राज्यसभा सांसद सागरिका घोष ने संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू पर विशेषाधिकार हनन का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ नोटिस दिया है। उन्होंने रिजिजू पर सदन को सही ढंग से चलाने की जिम्मेदारी का उल्लंघन करने और विपक्ष का अपमान करने का आरोप लगाया।
विवादित बयान
सागरिका घोष का आरोप है कि किरेन रिजिजू ने विपक्षी सदस्यों की ओर इशारा करते हुए कहा था, “आप लोग सदन में बैठने के लायक नहीं हैं।” टीएमसी सांसद ने कहा कि ऐसा बयान देकर रिजिजू ने अपने पद का दुरुपयोग किया है।
👉 यह भी पढ़ें:
- लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पास नहीं होने पर विपक्ष पर भड़के किरेन रिजिजू, कांग्रेस को महिला विरोधी पार्टी बताया
- लोकसभा स्पीकर के खिलाफ आरोपों पर बोले मंत्री किरेन रिजिजू- क्या राहुल गांधी लोकसभा के प्रोटोकॉल से ऊपर हैं?
- केंद्रीय मत्री किरेन रिजिजू का राहुल गांधी पर फिर हमला, भारत विरोधी ताकतों से जुड़ने का लगाया आरोप
- राहुल गांधी के आरोपों पर भाजपा का पलटवार, किरेन रिजिजू ने कहा-इनका एटम बम फटता क्यों नहीं?
विपक्ष की प्रतिक्रिया
सागरिका घोष ने विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव पेश किया, जिसे विपक्ष की सभी प्रमुख पार्टियों और नेताओं ने समर्थन देते हुए हस्ताक्षर किए हैं। उन्होंने यह भी मांग की है कि किरेन रिजिजू अपने बयान के लिए माफी मांगें और यह बयान संसद के रिकॉर्ड से हटाया जाए।
सदन की कार्यवाही बाधित
शीतकालीन सत्र के दौरान सदन की कार्यवाही कई बार बाधित हुई है और स्थगित करनी पड़ी है।
-
विपक्ष का आरोप: विपक्षी दलों का कहना है कि सत्तारूढ़ बीजेपी सदन को सुचारु रूप से चलाने में विफल रही है।
-
सत्तारूढ़ पार्टी का पक्ष: बीजेपी ने विपक्षी पार्टियों पर हंगामे का आरोप लगाते हुए कहा कि वे सदन की कार्यवाही बाधित कर रहे हैं।


