नैतिक कायरता या कूटनीति? मोदी के इजराइल दौरे पर कांग्रेस का तीखा हमला
👉 यह भी पढ़ें:
- मीनाक्षी नटराजन को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं, कोर्ट ने कहा-नामांकन खारिज होने के बाद सुनवाई हुई तो नई परंपरा होगी
- Iran-US Conflict: 3 भारतीय नाविकों की मौत पर कांग्रेस का बड़ा हमला, ट्रंप-मोदी रिश्तों पर उठाए सवाल! क्या भारतीयों की सुरक्षा खतरे में है?
- Iran-US Tension: भारतीय नाविकों की मौत से मचा हड़कंप! ओवैसी का ट्रंप पर बड़ा हमला,
- मीनाक्षी नटराजन के नामांकन विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई कल, नाम वापसी की आखिरी तारीख आज
जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्राइल दौरे से पहले कड़ी आलोचना करते हुए इसे “नैतिक कायरता” करार दिया है। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में, जब दुनिया इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की आलोचना कर रही है, पीएम मोदी उनके साथ नजदीकी दिखा रहे हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए रमेश ने फिलिस्तीन के समर्थन में भारत की पुरानी नीतियों का उल्लेख किया। उन्होंने याद दिलाया कि 20 मई 1960 को जवाहरलाल नेहरू गाजा गए थे और वहां संयुक्त राष्ट्र की भारतीय टुकड़ी से मिले थे। साथ ही उन्होंने बताया कि 29 नवंबर 1981 को भारत ने फिलिस्तीन के साथ एकजुटता दिखाने के लिए स्मारक डाक टिकट जारी किया था और 18 नवंबर 1988 को फिलिस्तीन को औपचारिक रूप से एक राष्ट्र के रूप में मान्यता दी थी।
रमेश ने लिखा, “वह एक अलग दौर था। अब भारतीय प्रधानमंत्री खुलेआम इजराइल के प्रधानमंत्री को गले लगा रहे हैं। नेतन्याहू ने गाजा को मलबे और धूल में बदल दिया है और अवैध बस्तियों को बढ़ाने की साजिश कर रहे हैं। जब पूरी दुनिया उनकी आलोचना कर रही है, तब मोदी नैतिक रूप से कायरता दिखा रहे हैं।”
इससे पहले प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी पीएम मोदी से अपील की थी कि जब वे इजराइल की संसद में संबोधन दें, तो गाजा संघर्ष पर भी बात करें। उन्होंने कहा, “मुझे उम्मीद है कि प्रधानमंत्री गाजा में मारे गए हजारों निर्दोष लोगों का जिक्र करेंगे और उनके लिए न्याय की मांग करेंगे। भारत हमेशा सच्चाई और शांति के साथ खड़ा रहा है।”



