पटना। जनसुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने अब घर छोड़कर आश्रम में रहने का ऐलान किया है। बिहार विधानसभा चुनाव 2026 में मिली हार के बाद उन्होंने तय किया है कि अब वे पटना की सीमा पर स्थित एक आश्रम में अपना ठिकाना बनाएंगे। जब तक उनकी पार्टी जन सुराज बिहार विधानसभा चुनाव 2031 में खुद को ठीक से स्थापित नहीं कर लेती, तब तक प्रशांत किशोर इसी आश्रम में रहेंगे।
पटना का आवास छोड़ा
प्रशांत किशोर ने मीडिया को बताया कि मंगलवार रात उन्होंने पटना स्थित अपना पुराना आवास छोड़ दिया। अब वह आईआईटी पटना के पास बने ‘बिहार नव निर्माण आश्रम’ में रहेंगे। उन्होंने कहा कि आगामी बिहार विधानसभा चुनाव तक वह इसी आश्रम से जन सुराज पार्टी के अभियान को आगे बढ़ाएंगे।
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अब तक शेखपुरा था ठिकाना
प्रशांत किशोर इससे पहले पटना एयरपोर्ट के पास स्थित ‘शेखपुरा हाउस’ से अपनी राजनीतिक गतिविधियां चला रहे थे। यह बंगला जन सुराज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व सांसद उदय सिंह के परिवार का है। उदय सिंह का परिवार बिहार की राजनीति में काफी प्रभावशाली माना जाता है।
पीके बोले-पलायन कर गए नीतीश
प्रशांत किशोर ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बिहार में बेरोजगारी और पलायन की समस्या को रोकने में सरकार विफल रही। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो नेता पलायन रोक नहीं पाए, वे खुद ही “पलायन” कर गए। उनका इशारा नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने और उनके बेटे निशांत कुमार के राजनीति में आने की ओर था।
पैसों के लालच में अपना वोट न बेचें
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे जाति, धर्म या पैसे के आधार पर वोट न करें। प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार के लोगों को वोट देते समय अपने बच्चों के भविष्य के बारे में सोचना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोग किसी भी बड़े नेता के नाम पर वोट न दें और पैसों के लालच में अपना वोट न बेचें।
दिखावे से बचें सम्राट चौधरी
प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर निशाना साधते हुए कहा कि बिहार देश का सबसे गरीब राज्यों में से एक है, लेकिन यहां के मुख्यमंत्री का आवास बहुत बड़ा और खर्चीला है। उन्होंने कहा कि सरकार को दिखावे के बजाय जनता की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए।


