पटना। जनसुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर भितिहरवा गांधी आश्रम में एक दिवसीय मौन अनशन पर थे। अनशन तोड़ने के बाद उन्होंने कहा है कि वे 15 जनवरी से फिर से यात्रा शुरू करेंगे। इस यात्रा के दौरान वे राज्य के 1 लाख 18 हज़ार वार्डों में उन महिलाओं से मुलाक़ात करेंगे, जिन्हें सरकार द्वारा 10 हजार रुपये की राशि मिली है। इसके साथ ही उन्हें बिहार सरकार की ओर से दिए जाने वाले 2 लाख रुपये के लाभ के लिए फॉर्म भरवाने का काम भी करेंगे।
प्रशांत किशोर ने कहा कि गांधी जी की प्रेरणा से फिर से आंदोलन शुरू करेंगे। 15 जनवरी से बिहार के सभी 1 लाख 18 हजार वार्ड में जाएंगे और बिहार नवनिर्माण संकल्प अभियान के तहत लोगों से संवाद करेंगे। सरकार द्वारा किए गए वादों को पूरा कराएंगे। प्रशांत किशोर ने सरकार पर वार करते हुए कहा कि सरकार ने चुनाव से ठीक पहले गरीब वोटरों को 10,000 देकर वोट खरीदा और 2 लाख रुपये देने का लोकलुभावन वादा कर जनता को भ्रमित किया। बिहार चुनाव में इस बार पैसे से वोट खरीदने का खुला खेल देखने को मिला। नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें अब ईमानदार मुख्यमंत्री समझना मुश्किल हो गया है, क्योंकि सरकार में अपराधी प्रवृत्ति के लोगों को मंत्री बनाया गया है।
👉 यह भी पढ़ें:
- भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की सीट पर प्रशांत किशोर की नजर, उपचुनाव में बांकीपुर से लड़ने की तैयारी
- प्रशांत किशोर ने बिहार के सीएम नीतीश कुमार पर बोला हमला, कहा-करोड़ों खर्च कर वोट खरीदे, अब बिहार से भागने की नौबत क्यों?
- बिहार चुनाव में करारी हार के बाद पीके का बड़ा फैसला, जन सुराज पार्टी का संगठन किया भंग, नए सिरे से होगा गठन
- बिहार चुनाव में हार के बाद पहली बार सामने आए प्रशांत किशोर, कहा-हार की जिम्मेदारी मेरी, हम लोगों से जरूर कोई गलती हुई
कमाई का 90 फीसदी हिस्सा पार्टी के नाम
प्रशांत किशोर ने संपत्ति को लेकर बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि उनकी कुल कमाई का 90% हिस्सा जन सुराज को समर्पित होगा। इतना ही नहीं, पिछले 20 वर्षों में जो संपत्ति अर्जित की है, उसमें से परिवार के घर को छोड़कर बाकी सब जन सुराज को दान करेंगे।उन्होंने समर्थकों से अपील की है कि हर जनसुराजी साल में एक हजार रुपया संगठन को दें, ताकि राजनीतिक आंदोलन को मजबूत आधार मिल सके। प्रशांत किशोर ने कहा कि हम चुनाव भले हार गए हों, लेकिन लड़ाई खत्म नहीं हुई है। राजनीतिक यात्रा की शुरुआत जिस आश्रम से हुई थी, वहीं दोबारा लौटकर नए संकल्प के साथ उन्होंने घोषणा की कि जन सुराज आने वाले समय में बड़ी ताकत बनकर उभरेगा।


