नई दिल्ली। पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान से तनातनी के बीच भारतीय सेना को रूस से इग्ला-एस मिसाइल मिली है। यह पाकिस्तान के ड्रोन और लड़ाकू विमानों को हवा में तबाह कर देगा। रूस से डिलीवर हुए एयर डिफेंस सिस्टम को सीमावर्ती इलाकों में तेज और सटीक वायु रक्षा के लिए विशेष रूप से तैनात किया जा रहा है।
बताया जाता है कि इग्ला-एस मैनपैड्स यानी मैन–पोर्टेबल एयर डिफेंस सिस्टम है, जिसे सैनिक अपने कंधे पर रख कर फायर कर सकते हैं। ये कम दूरी के एरियल टारगेट को हवा में ही मार गिराने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। पिछले कई दशक से भारत की सशस्त्र सेनाएं (थल सेना और वायुसेना) रूस की इस इग्ला मिसाइल का इस्तेमाल करती हैं, लेकिन अब ये काफी पुरानी पड़ चुकी हैं। इग्ला की रेंज 3-4 किलोमीटर है लेकिन नई इग्ला–एस की रेंज करीब छह किलोमीटर है। यह दुश्मन के ड्रोन, फाइटर जेट, हेलीकॉप्टर और मिसाइल को मार गिरा सकती है। रूस की रोसोबोरोनएक्सपोर्ट कंपनी अब भारत में ही इस मिसाइल सिस्टम को एक भारतीय कंपनी के साथ मिलकर बनाने की तैयारी कर रही है।
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रक्षा सूत्रों ने बताया कि इग्ला–एस वायु रक्षा मिसाइलों की नई आपूर्ति कुछ सप्ताह पहले भारतीय सेना को हुई है। इन मिसाइलों को सीमाओं पर दुश्मन के लड़ाकू विमानों, हेलीकॉप्टरों और ड्रोन से खतरे से निपटने के लिए सुरक्षा बलों को दिया जा रहा है। सरकार द्वारा सेना को दिए गए आपातकालीन खरीद अधिकारों के तहत यह सौदा किया गया था। लगभग 260 करोड़ रुपये की लागत वाले इस अनुबंध के तहत प्राप्त मिसाइलों को सीमा पर तैनात अग्रिम चौकियों को दिया जा रहा है ताकि दुश्मन के लड़ाकू विमान, हेलिकॉप्टर और ड्रोन से रक्षा की जा सके। नई इग्ला-एस मिसाइलों की तैनाती के साथ ही सेना ने 48 नए लॉन्चर और 90 अतिरिक्त मिसाइलों की खरीद के लिए भी निविदा जारी कर दी है। साथ ही सेना अब लेजर बीम–राइडिंग सिस्टम को भी जल्द ही हासिल करने की योजना बना रही है।



