नई दिल्ली। विपक्ष के विरोध के बाद भी केंद्र सरकार ने सीबीआई के वर्तमान निदेशक प्रवीण सूद को एक साल का एक्सटेंशन दे दिया है। यह ऐसे समय हुआ है, जब लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सीबीआई निदेशक की चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे।
दो बार मिला एक्सेंटशन
प्रवीण सूद ने 25 मई 2023 को दो साल के लिए पदभार ग्रहण किया था। इसके बाद 24 मई 2025 को उन्हें एक साल का एक्सटेंशन दिया गया था। इसके बाद अब फिर उनका कार्यकाल बढ़ाया दिया गया है। 1986 बैच के कर्नाटक कैडर के आईपीएस अधिकारी सूद अब मई 2027 तक इस पद पर बने रहेंगे।
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राहुल गांधी ने उठाए थे सवाल
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सीबीआई निदेशक की चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे। उन्होंने मंगलवार को असहमति का नोट दिया और कहा कि वह इस ‘पक्षपातपूर्ण प्रक्रिया’ में भाग लेकर अपने संवैधानिक कर्तव्य से विमुख नहीं हो सकते। राहुल ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष कोई ‘रबर स्टाम्प’ नहीं होता है।
चयन प्रक्रिया का मजाक बनाने का आरोप
राहुल गांधी ने दावा किया कि सरकार के कदम से लगता है कि चयन प्रक्रिया का मजाक बनाया जा रहा है और किसी पहले से तय व्यक्ति का चयन होता है। प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता वाली समिति की बैठक दिल्ली में मंगलवार को प्रधानमंत्री के सात, लोक कल्याण मार्ग स्थित आवास पर हुई और राहुल गांधी ने भी इस बैठक में हिस्स लिया। भारत के प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत भी इस समिति के सदस्य हैं।
राहुल गांधी ने एक्स पर किया था पोस्ट
बैठक के बाद राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी को लिखे असहमति वाले पत्र को साझा करते हुए ‘एक्स’ पर पोस्ट किया। उन्होंने लिखा कि मैंने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर सीबीआई निदेशक चयन प्रक्रिया पर अपनी असहमति दर्ज कराई है। मैं पक्षपातपूर्ण प्रक्रिया में भाग लेकर अपने संवैधानिक कर्तव्य से विमुख नहीं हो सकता। उन्होंने असहमति के नोट में लिखा कि सीबीआई के अगले निदेशक की सिफारिश करने के लिए गठित समिति के अध्यक्ष के रूप में आपको इसकी कार्यवाही पर अपनी असहमति दर्ज करने के लिए लिख रहा हूं।
हाई-प्रोफाइल मामले संभाल चुके हैं सूद
प्रवीन सूद 1986 बैच के कर्नाटक कैडर के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी हैं। उन्हें केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) का निदेशक नियुक्त किए जाने से पहले कर्नाटक के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के रूप में कार्यरत थे। उन्होंने 22 वर्ष की आयु में भारतीय पुलिस सेवा ज्वाइन की थी। उन्होंने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), दिल्ली से सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की है। इसके अलावा उन्होंने भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम), बेंगलुरु और न्यूयॉर्क स्थित मैक्सवेल स्कूल ऑफ गवर्नेंस, सिरैक्यूज़ यूनिवर्सिटी से स्नातकोत्तर डिग्री प्राप्त की है। सूद ने कई हाई-प्रोफाइल मामलों की जांच की निगरानी की।


