नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत का कॉकरोच वाला बयान खूब चर्चा में रहा था। इसके बाद उनका एक और बयान चर्चा में आया है, जिसमें उन्होंने साइबर फ्रॉड के आरोपी को परजीवी बताते हुए उसे बेल देने से मना कर दिया।
सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच साइबर अपराध से जुड़े एक मामले में आरोपी की जमानत याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इस दौरान सीजेआई आरोपी को जमानत देने से इनकार करते हुए कड़ी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधी परजीवी हैं, जो लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी करते हैं, उन्हें धोखा देते हैं और उन्हें पकड़ना भी मुश्किल होता है। ऐसे अपराधियों का जेल की सलाखों के पीछे रहना ही समाज के हित में है?
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साइबर मामलों पर कोर्ट ने जताई चिन्ता
मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने मामले की सुनवाई के दौरान साइबर अपराध के मामलों पर चिंता जताई और साथ-ही-साथ आरोपी को कड़ी फटकार भी लगाई। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधियों के प्रति हमें बहुत सख्त होना ही पड़ेगा. तुम लोग किसी एक राज्य तक सीमित नहीं रहते। तमिलनाडु में किसी से फ्रॉड करते हो और फिर से वहां से जम्मू चले जाते हो। समाज का भला इसी में है कि तुम जैसे लोग जेल की सलाखों के भीतर ही बंद रहें।
कॉकरोच वाले बयान पर मचा था बवाल
उल्लेखनीय है कि सीजेआई सूर्यकांत ने एक मामले की सुनवाई के दौरान कथित तौर पर बेरोजगार युवाओं की तुलना कॉकरोच से कर दी थी। इसके बाद उनके बयान को लेकर देशभर में खूब बवाल हुआ। यहां तक उनके बयान का हवाला देते सोशल मीडिया पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नाम से एक नई ऑनलाइन राजनीतिक पार्टी भी बन गई। उन्होंने कहा था कि बेरोजगार युवा आगे चलकर मीडिया, सोशल मीडिया और RTI एक्टिविस्ट बन जाते हैं और फिर सिस्टम पर ही हमला शुरू कर देते हैं। हालांकि, जब बवाल काफी ज्यादा बढ़ गया तब सीजेआई ने अपने टिप्पणी पर सफाई देते हुए कहा था क मेरी टिप्पणी को गलत तरीके से पेश किया गया है। मेरा बयान उन लोगों के लिए था, जो नकली और फर्जी डिग्री लेकर कानूनी पेशे में घुस जाते हैं।



