इंदौर। इस बार गणेश चतुर्थी पर पांच दुर्लभ संयोग बन रहे हैं। इसके अलावा बुधवार होने से कई शुभ योग भी हैं। बुधवार गणेशजी का प्रिय दिन है। संयोग से इस दिन गणेश चतुर्थी आ रही है, इस कारण इस दिवस का महत्व काफी बढ़ जाता है। इसके साथ ही शुभ और शुक्ल योग भी बने हुए हैं। पंचागों के अनुसार बुध–चित्रा नक्षत्र का भी योग साथ मिल रहा है।
ज्योतिषियों के अनुसार गणेश चतुर्थी पर शुभ और शुक्ल योग के साथ ही सवार्थसिद्धि योग, रवियोग, इंद्र योग, ब्रह्म योग और प्रीति योग का लाभ भी मिल रहा है। ऐसे योगों में गणेशजी के पूजन से और ज्यादा फल की प्राप्ति होती है। चतुर्थी के दिन चित्रा नक्षत्र का संयोग मिल रहा है। इसके अलावा बृहस्पति भी मिथुन राशि में चल रहे हैं जो बुध की ही राशि है।
मध्याह्नकाल में स्थापना से और भी फायदे
ज्योतिषियों के अनुसार गणेश चतुर्थी पर इस बार अमला, उभयचरी, वीणा, वरिष्ठ और राजयोग भी बन रहे हैं। माना जाता है कि ऐसे योगों के बीच गणेशजी की पूजा करने से वे काफी प्रसन्न होते हैं और भक्तों पर अपनी कृपा बरसाते हैं। पाचांग के अनुसार इस बार भद्रा का साया भी रहेगा, लेकिन इससे गणेश स्थापना में कोई फर्क नहीं पड़ेगा। माना जाता है कि गणेशजी का जन्म मध्याह्नकाल में हुआ था। इसलिए अगर आप मध्याह्नकाल में गणपति स्थापना करते हैं तो और भी शुभ फलदायक होता है।
चतुर्थी तिथि
प्रारंभ : 26 अगस्त दोपहर 1:55
पूर्ण : 27 अगस्त दोपहर 3:45
गणपति स्थापना के मुहूर्त
मध्याह्नकाल मुहूर्त : प्रात: 11:12 से दोपहर 12:28
अवधि : 1 घंटा 16 मिनट
चौघड़िया अनुसार मुहूर्त
लाभ : प्रात: 6:09 से प्रात: 7:44
शुभ : प्रात: 10:53 से दोप 12:28
चर : दोप 3:38 से सायं 5:12
लाभ : सायं 5:12 से सायं 6:47


