नई दिल्ली। बिहार में मतदाता सूची में गड़बड़ी और चुनावों में वोट चोरी के आरोपों को लेकर इंडिया ब्लॉक ने सोमवार को संसद से निर्वाचन सदन तक मार्च निकाला। मार्च में आगे आगे कांग्रेस नेता राहुल गांधी चल रहे थे। इस दौरान काफी हंगामा हुआ और दिल्ली पुलिस ने विपक्ष के नेताओं को चुनाव आयोग तक पहुंचने से पहले ही रोक दिया। पुलिस के रोकने पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव बैरिकेड फांद गए। राहुल गांधी, प्रियंका वाड्रा सहित कई नेता हिरासत में लिए गए।
राहुल गांधी ने हिरासत में लिए जाने के बाद कहा कि हकीकत यह है कि वे बोल नहीं सकते। सच्चाई देश के सामने है। यह लड़ाई राजनीतिक नहीं है। यह संविधान बचाने की लड़ाई है। वन मैन, वन वोट लड़ाई है। हम एक साफ-सुथरी मतदाता सूची चाहते हैं। चुनाव आयोग के नोटिस पर राहुल गांधी ने कहा क यह उनका (चुनाव आयोग का) डेटा है। यह मेरा डेटा नहीं है जिस पर मैं (हलफनामे पर) हस्ताक्षर करूंगा। उस डेटा को अपनी वेबसाइट पर डालें और आपको पता चल जाएगा। यह सब सिर्फ मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए है। यह सिर्फ बेंगलुरु में ही नहीं बल्कि कई अन्य निर्वाचन क्षेत्रों में भी हुआ है। दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद कांग्रेस सांसद रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि क्या जेल की सलाखें राहुल गांधी और विपक्ष को रोक पाएंगी? अब एक ही नारा है- बोल रहा है पूरा देश, वोट हमारा छू के देखष इस देश की जनता ने मोदी सरकार और चुनाव आयोग की साझेदारी को नकार दिया है।
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खड़गे बोले-किस बात का डर
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि अगर सरकार हमें चुनाव आयोग तक पहुंचने नहीं देती, तो हमें समझ नहीं आता उसे किस बात का डर है? इस मार्च में सभी सांसद थे, हम शांतिपूर्ण ढंग से मार्च निकाल रहे थे। हम चाहते थे कि चुनाव आयोग सभी सांसदों को बुलाता, हम मीटिंग करते और अपना-अपना पक्ष रखते, लेकिन चुनाव आयोग कह रहा है कि सिर्फ 30 मेंबर आएं। ऐसा कैसे संभव है?



