कोलकाता। पश्चिम बंगाल में बुरी तरह हार के बाद भी ममता बनर्जी सीएम पद से इस्तीफा देने को तैयार नहीं हैं। मंगलवार को भी उन्होंने इस्तीफा देने से इनकार कर दिया था। बुधवार को टीएमसी विधायकों की बैठक में भी उन्होंने यही दोहराया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति शासन लग रहा है तो लग जाए। वे इस्तीफा नहीं देंगी, चाहे वे मुझे बर्खास्त कर दें।
विधायकों से काले कपड़े पहनने को कहा
प्राप्त जानकारी के अनुसार ममता बनर्जी ने टीएमसी के नव निर्वाचित विधायकों के साथ बैठक में कहा कि अब इंडिया गठबंधन की टीम एकजुट है। मैं इस्तीफा नहीं दूंगी। चाहे वे मुझे बर्खास्त कर दें। मैं चाहती हूं कि यह काला दिन हो। हमें मजबूत रहना होगा। विधानसभा के पहले दिन टीएमसी के सभी विधायक काले कपड़े पहनें।
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धोखा देने वालों को निकालेंगे
ममता बनर्जी ने कहा कि जिन्होंने धोखा दिया है, उन्हें पार्टी से निकाल दिया जाएगा। मैं हंस रही हूं। मैंने उन्हें नैतिक रूप से हराया है। मैं एक आजाद पंछी हूं। मैंने सबके लिए काम किया है। हम भले ही हार गए हों, लेकिन हम लड़ेंगे।
जो हारे हैं, उन्हें जबरदस्ती हराया गया
ममता बनर्जी ने कहा कि जो हारे हैं, उन्हें जबरदस्ती हराया गया है। मैं पश्चिम बंगाल पुलिस, सीआरपीएफ, भाजपा समर्थक मुख्य निर्वाचन अधिकारी और चुनाव आयोग की निंदा करती हूं। 1500 से अधिक पार्टी कार्यालयों पर कब्जा कर लिया गया। मुझे धक्का-मुक्की की गई। मुझे सीने में दर्द हो रहा था। यह चुनाव नहीं, बल्कि एक अत्याचार था। ममता ने कहा, हम रवींद्र जयंती से शुरुआत करेंगे, बिमान दा अदालत जाएंगे, हम हार सकते हैं लेकिन लड़ेंगे। मैंने उन्हें नैतिक रूप से हरा दिया और अब अगर ज़रूरत पड़ने पर हम अंतरराष्ट्रीय अदालत जाएंगे।
कई विधायक बैठक में नहीं पहुंचे
प्राप्त जानकारी के अनुसार ममता बनर्जी के आवास पर विपक्ष के नेता का चयन करने के लिए बुलाई गई महत्वपूर्ण बैठक में तृणमूल कांग्रेस के लगभग 10 विधायक अनुपस्थित रहे। बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेता, सांसद और विधायक शामिल हुए। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस ने आंतरिक विचार-विमर्श शुरू कर दिया है, लेकिन इस महत्वपूर्ण रणनीति बैठक में पार्टी के 80 नवनिर्वाचित विधायकों में से केवल 70 ही उपस्थित थे।
वकील के रूप में प्रैक्टिस शुरू करेंगी
ममता बनर्जी ने कहा है कि अब वह और चंद्रिमा भट्टाचार्य अदालत में बतौर वकील प्रैक्टिस शुरू करने जा रहे हैं। ममता ने कहा कि अभी और आने वाले समय में तमाम केस खड़े होने वाले हैं। ऐसे में वह, चंद्रिमा, बिप्लब मित्रा और बिमान बनर्जी इन केसों को मुकाबला वकील बनकर करेंगे।
अभिषेक बनर्जी की तारीफ की
ममता बनर्जी ने कहा कि वह अपने भतीजे अभिषेक बनर्जी को अकेला नहीं छोड़ेंगी। अभिषेक ने काफी कड़ी मेहनत की है। इसके बाद वह वहां मौजूद सभी लोगों के साथ खड़ी हुईं और अभिषेक बनर्जी की मेहनत को सार्वजनिक तौर पर स्वीकार करते हुए तारीफ की।
हिंसा रोकना आयोग की जिम्मेदारी
टीएमसी प्रवक्ता और विधायक कुणाल घोष ने कहा कि हिंसा को रोकना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है। भाजपा ने जो कहा था और जो जमीन पर हो रहा है वो बिल्कुल इसके उलट है। जो हिंसा हो रही है वो लोकतंत्र के लिए सही नहीं है। ममता बनर्जी का इस्तीफा ना देना, उनका एक सिंबॉलिक प्रोटेस्ट है भाजपा की ओर से सीटों की लूट के खिलाफ।



