👉 यह भी पढ़ें:
- राहुल गांधी के कार्यक्रम के लिए भाजपा नगर अध्यक्ष ने पटवारी को लिखा पत्र, सुझाए कई स्थान
- राहुल गांधी के कार्यक्रम के लिए कांग्रेस ने खेला दांव, डेली कॉलेज से मांगी जगह
- राहुल गांधी पर FIR से भड़की MP कांग्रेस, जीतू पटवारी और कमलनाथ ने BJP पर साधा निशाना
- मनुस्मृति पर राहुल गांधी के बयान से सियासत गरम, निशिकांत दुबे का पलटवार
- Rahul Gandhi ने जारी किया वीडियो, बोले- युवाओं का जवाबदेही मांगना काबिल-ए-तारीफ
- अंकिता भंडारी केस फिर चर्चा में: राहुल गांधी ने उठाए ‘VIP’ पर सवाल, परिवार को अब भी न्याय का इंतजार
0:00 left
नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र में नेता विपक्ष राहुल गांधी के भाषण को लेकर लोकसभा में बीते दो दिनों से हंगामा हो रहा है. आज इस हंगामे के दौरान स्पीकर की ओर पेपर उछालने वाले 8 सांसदों को निलंबित कर दिया गया. हंगामे के कारण कांग्रेस नेता राहुल गांधी अपना भाषण नहीं दे सके.
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर सदन में बोलने से रोकने को परंपरा का उल्लंघन बताया है. कांग्रेस ने राहुल गांधी के लिखे इस पत्र को शेयर किया है. राहुल गांधी ने पत्र में स्पष्ट किया है कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बोलने से उन्हें रोकना लोकतंत्र के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है और राष्ट्रीय सुरक्षा पर चर्चा को रोकने का प्रयास है.
कांग्रेस ने ‘एक्स‘ पर राहुल गांधी के पत्र को शेयर करते हुए कहा कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर संसद में राष्ट्रीय सुरक्षा के एक अहम मामले को उठाने के विपक्ष के नेता के अधिकार से वंचित करने के संबंध में लिखा है. राहुल गांधी ने पत्र के जरिए ओम बिरला से कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण प्रस्ताव पर बोलते हुए आपने सोमवार को मुझे एक मैगजीन को सत्यापित करने का निर्देश दिया था, जिसका मैं जिक्र करना चाहता था. मैंने आज अपना भाषण फिर से शुरू करते हुए उस दस्तावेज को सत्यापित किया. राहुल गांधी ने पत्र में यह भी कहा कि स्पीकर, सदन के निष्पक्ष संरक्षक के तौर पर हर सदस्य के अधिकारों की रक्षा करना आपकी संवैधानिक और संसदीय जिम्मेदारी है, जिसमें विपक्ष के सदस्य भी शामिल हैं. विपक्ष के नेता और हर सदस्य को बोलने का अधिकार हमारे लोकतंत्र का अभिन्न अंग है.



