भोपाल। मध्यप्रदेश में ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा कांग्रेस की सरकार गिराने को लेकर बयान देने के बाद दिग्विजय सिंह और कमलनाथ के बीच तलवार खींच गई थी। आज शुक्रवार को दिग्विजय सिंह ने कमलनाथ से मुलाकात की। दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया पर तस्वीर शेयर करते हुए लिखा कि उनके और कमलनाथ के बीच लगभग 50 वर्षों से पारिवारिक और राजनीतिक संबंध रहे हैं। उनके राजनीतिक जीवन में उतार–चढ़ाव आए हैं, जो स्वाभाविक हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि छोटे–मोटे मतभेद हो सकते हैं, लेकिन मनभेद कभी नहीं हुए।
दिग्विजय सिंह ने अपने पोस्ट में लिखा कि कल उनकी कमलनाथ से मुलाकात हुई और दोनों नेताओं ने जनता के हित में कांग्रेस के नेतृत्व में मिलकर काम करने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं को कांग्रेस ने हमेशा नेतृत्व के अवसर दिए और जनता का प्यार भी हमेशा मिला। हमारा सारा राजनैतिक जीवन कांग्रेस में रहते हुए विचारधारा की लड़ाई एकजुट होकर लड़ते हुए बीता है और आगे भी लड़ते रहेंगे।
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सरकार गिराने के मुद्दे पर हुई थी भिड़ंत
उल्लेखनीय है कि कुछ समय पहले दिग्विजय सिंह और कमलनाथ के बीच वार–पलटवार एक इंटरव्यू के बाद शुरू हुआ था। दिग्विजय सिंह ने एक इंटरव्यू में कहा था कि 2020 की शुरुआत में ही कमलनाथ और सिंधिया के बीच मतभेद पैदा हो गए थे। ये मतभेद विचारधारा को लेकर नहीं, बल्कि व्यक्तिगत थे। इस मुद्दे को सुलझाने के लिए एक उद्योगपति के घर दोनों की बैठक तय की गई, ताकि सरकार को किसी तरह का खतरा न हो। बैठक में सिंधिया ने कमलनाथ को एक विशलिस्ट दी थी, जिसमें ग्वालियर और चंबल क्षेत्र से जुड़े कामों का जिक्र था। सिंधिया द्वारा दी गई इस लिस्ट पर कमलनाथ ने दस्तखत भी किए थे, लेकिन बाद में इस विशलिस्ट के कई मुद्दों को सुलझाया नहीं जा सका। यदि ग्वालियर–चंबल से जुड़ी मांगों को सुलझाया जाता तो सरकार गिरने की स्थिति नहीं बनता।
कमलनाथ ने दिया था जवाब
इसके बाद कमलनाथ ने दिग्विजय सिंह के इंटरव्यूट के बाद ट्वीट कर जवाब दिया. कमलनाथने ट्वीट किया था–ज्योतिरादित्य को लगता था कि सरकार दिग्विजय सिंह चला रहे हैं और इसकी नाराजगी में कांग्रेस विधायकों को तोड़कर सरकार गिरा दी गई।



