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भोपाल। भोपाल में चल रहे ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन में प्रधानमंत्री का भाषण बासी कड़ी में उबाल लाने का प्रयास है। पटवारी ने कहा कि मोदी ने उद्योगपतियों का कीमती समय 20 साल पहले कांग्रेस सरकारों की आलोचना करने में खराब कर दिया, जबकि उन्हें बताना था कि उनके पास निवेश के लिए क्या सहूलियतें हैं इतने बडे़ मंच, से ऐसी छोटी राजनीति करने से उद्योगपति बिदक जाते हैं।
उन्होने कहा कि आज पूरा प्रदेश इन्वेटर समिट में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का भाषण बड़ी उम्मीद लगाकर सुन रहा था। प्रधानमंत्री जैसे पद पर आसीन व्यक्ति जब बोलता है तब परिवर्तन और विकास सुनिश्चित होता है, किंतु उनके रटे–रटाये भाषण में न कोई दृष्टिकोण था, न ही कोई संकल्प था। पटवारी ने कहा कि प्रदेशवासियों को उनसे औद्योगिक विकास के लिए कोई विशेष पैकेज एवं घोषणा की अपेक्षा थी और वे यह भी बताते कि पिछली भाजपा सरकारों में की गई इन्वेस्टर समिट की विफलताओं के क्या कारण थे, जिसमें दावों के अनुपात में महज 3 प्रतिशत का ही निवेश आया? उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकारों के दौरान बम्फर निवेश आया था, जिसके ज्वंलत उदाहरण मंडीदीप, गोविंदपुरा, मालनपुर, पीथमपुर जैसे औद्योगिक क्षेत्र हैं। वहीं भाजपा सरकारों के दौरान एक भी औद्योगिक क्षेत्र विकसित नहीं हुआ और जो कांग्रेस ने उद्योग लगाये थे, उनकी हालत दयनीय हो चुकी है। जिन निवेशकों ने भाजपा सरकार के वादों पर विश्वास कर 80 हजार करोड़ रूपये लॉजिस्टि एवं वेयरहाउसिंग क्षेत्रों में लगाये थे, उनका लगभग 8 हजार करोड़ रूपये शासन पर बकाया है। स्थिति यह है कि आज उन निवेशकर्ताओं के घरवार बिकने की नौवत आ चुकी है। पटवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने मप्र को कपास की राजधानी बताया लेकिन कपास उत्पादक किसान को न्यूनतम मूल्य भी नहीं मिल पा रहा है, जिससे मालवा–निमाड़ में किसानों की स्थिति बद से बदतर होती जा रही हैं।



