लखनऊ। राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में उत्तरप्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने पहली बार बयान दिया है। शुक्रवार को अयोध्या में योगी ने कहा कि बस 15 दिन और इंतजार कर लें, थोड़ा धैर्य बनाए रखें और बल्कुल भी चिंता न करें। सरकार ने ट्रस्ट के अनुरोध पर एसआईटी जांच के आदेश दिए हैं। जांच पूरी होने पर पूरा सच सामने आएगा और जो भी अपराधी होगा वह बचेगा नहीं।
रिपोर्ट आने तक बयानबाजी न करें
सीएम योगी ने लोगों से एसआईटी की रिपोर्ट आने तक कोई बयानबाजी न करने की अपील की। उन्होंने कहा कि बयानबाजी से जांच प्रभावित होती है। गैरजरूरी रूप से किसी का चरित्र हनन न करें और अयोध्या को बदनाम न करें। अपराधी जो भी होगा, वह बचेगा नहीं।
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अखिलेश यादव पर साधा निशाना
सीएम योगी ने सपा चीफ अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन्होंने कभी राम भक्तों और कार सेवकों पर गोली चलाने का आदेश दिया था और ‘जय श्री राम’ का नारा लगाने वालों पर लाठियां बरसाई थीं, वे अब उपदेश देने निकले हैं। सीएम योगी ने कहा कि अब हर गरीब के घर में फ्री में शौचालय बन रहा है। जिन लोगों ने 2017 के पहले शासन किया था। आखिर उन्होंने कामाख्या धाम को नगर पंचायत क्यों नहीं बनाया। यहां की सड़कें क्यों नहीं बनाईं। क्यों गरीब को तब राशन नहीं मिल पाता था। क्योंकि, उन लोगों में संवेदना और इच्छाशक्ति नहीं थी। उनके लिए आपके कोई मायने नहीं। सिर्फ परिवार ही उनके लिए सबकुछ है।
सबूत हों तो एसाईटी को सौंपें
सीएम यादव ने कहा कि अगर किसी के पास दस्तावेजी सबूत हैं, तो उन्हें एसआईटी को सौंप दें। वह जांच करेगी। उन्होंने राम भक्तों से अपील करते हुए कहा कि भगवान राम ने हमें ‘मर्यादा’ का पाठ पढ़ाया और गरिमा के साथ जीने के लिए प्रेरित किया। इसी गरिमा को बनाए रखते हुए, हमारे पूर्वजों ने भगवान राम के पवित्र स्थल को वापस पाने के लिए 500 सालों तक संघर्ष किया. हमने पांच सदियों तक यह संघर्ष किया है।



