मायावती ने भतीजे को हटाया
बहुजन समाज पार्टी की नई पीढ़ी के तौर पर पार्टी में अहम पदों पर काबिज किए गए आकाश आनंद महज पांच महीने ही नेशनल कोआर्डिटनेटर रह पाए। आकाश को बीते वर्ष दिसंबर में लखनऊ में हुए पदाधिकारियों के सम्मेलन में मायावती ने अपना उत्तराधिकारी घोषित किया था।
👉 यह भी पढ़ें:
- अखिलेश यादव के ‘चवन्नी’ बयान पर मायावती का पलटवार, बोलीं- पूरे जाट समाज से मांगें माफी
- Uttar Pradesh विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटीं मायावती, पूर्व सांसद अशोक सिद्धार्थ को फिर से पार्टी से निकाला
- Diljit Dosanjh की ‘Satluj (Punjab 95)’ OTT से अचानक हटाई गई! ZEE5 के फैसले से मचा बवाल, आखिर भारत में क्यों नहीं देख पाएंगे दर्शक?
- Indore Road Accident: राजनाथ सिंह के भतीजे की दर्दनाक मौत, सड़क किनारे खड़ी कार के पास हुआ ऐसा हादसा कि मच गया हड़कंप!
- मायावती ने बंद रखे सियासी दरवाजे : राहुल का संदेश लेकर पहुंचे कांग्रेसी लौटे खाली हाथ
- महिला आरक्षण पर मायावती का तीखा प्रहार: विपक्ष और सत्तापक्ष दोनों पर साधा निशाना
हालांकि, उन्होंने आकाश को यूपी और उत्तराखंड से दूर रखने का निर्णय भी लिया था। इसके बावजूद लोकसभा चुनाव आने पर आकाश आनंद ने बसपा की जनसभाओं की शुरुआत नगीना से की। जानकारों की मानें तो इस जनसभा में उन्होंने आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष एवं नगीना के प्रत्याशी चंद्रशेखर आजाद उर्फ रावण पर सीधा हमला बोला, जो बसपा नेतृत्व को रास नहीं आया। आकाश के इस रुख का सियासी फायदा चंद्रशेखर को मिलने की संभावना जताई जाने लगी। इसके बाद उन्होंने सीतापुर में दिए अपने भड़काऊ भाषण से पार्टी नेतृत्व को नाराज करने मे कोई कसर बाकी नहीं रखी।दरअसल, उनके भाषण की वजह से बसपा के जिलाध्यक्ष विकास राजवंशी, लखीमपुर के प्रत्याशी अंशय कालरा, धौरहरा के प्रत्याशी श्याम किशोर अवस्थी, सीतापुर के प्रत्याशी महेंद्र सिंह यादव पर भी मुकदमा हो गया।सूत्रों की मानें तो बसपा सुप्रीमो ने सीतापुर के प्रकरण के बाद आकाश आनंद के प्रचार पर रोक लगा दी थी। इसके बावजूद वह लगातार दिल्ली में रहकर प्रचार-प्रसार कर रहे थे।



