सुप्रीम कोर्ट पहुंचा संदेशखाली विवाद

पश्चिम बंगाल में संदेशखाली विवाद पर राजनीति गरमाई हुई है। इसे लेकर भाजपा और टीएमसी आमने-सामने हैं। अब यह मामला सुप्रीम कोर्ट भी पहुंच गया है। दरअसल वकील आलोक अलख श्रीवास्तव ने संदेशखाली के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर की है और याचिका में मांग की है कि कोर्ट की देखरेख में सीबीआई या एसआईटी की टीम मामले की जांच करें। याचिका में संदेशखाली के पीड़ितों के लिए मुआवजे की भी मांग की गई है, साथ ही अपनी जिम्मेदारी ठीक तरह से न निभाने के लिए पश्चिम बंगाल पुलिस के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की गई है। याचिका में संदेशखाली मामले की जांच राज्य से बाहर ट्रांसफर करने की भी मांग की है।

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गौरतलब है कि संदेशखाली में स्थानीय महिलाओं ने आरोप लगाए हैं कि शाहजहां शेख और अन्य टीएमसी नेताओं ने उनकी जमीन पर कब्जा किया और कई महिलाओं का यौन उत्पीड़न किया गया। महिलाओं ने इसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी किया। इसके बाद भाजपा ने भी संदेशखाली समेत कई जगहों पर टीएमसी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। बीते दिनों संदेशखाली में भाजपा कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी झड़प भी हुई, जिसमें भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार घायल हो गए थे। भाजपा लगातार संदेशखाली के मुद्दे पर टीएमसी और ममता सरकार को घेर रही है।



