ट्रंप के टैरिफ फैसले पर RBI तैयार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अगर बुधवार से भारत पर भारी टैरिफ लागू होने पर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) प्रभावित क्षेत्रों को राहत देने के लिए आगे आएगा। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि संकट से उबरने के लिए सबसे ज्यादा प्रभावित सेक्टरों को वित्तीय मदद उपलब्ध कराई जाएगी।
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आरबीआई की तैयारी
- कोविड काल की तरह आरबीआई संकट के समय कदम उठाएगा।
- उस समय आरबीआई ने सावधि ऋणों पर स्थगन दिया था, एमएसएमई को आसान कर्ज मुहैया कराया था और मौद्रिक नीति से अर्थव्यवस्था को मजबूत समर्थन दिया था।
- गवर्नर ने कहा, “हमसे जो भी सहायता अपेक्षित होगी, हम करेंगे।”
- हाल ही में रेपो दर में 1% की कटौती कर तरलता बढ़ाई गई थी।
टैरिफ का संभावित असर
- भारत और अमेरिका के बीच टैरिफ पर बातचीत जारी है।
- फिलहाल 45% निर्यातित वस्तुएं कर के दायरे से बाहर हैं।
- शेष 55% वस्तुएं प्रभावित हो सकती हैं, जिनमें रत्न-आभूषण, कपड़ा, ऑटो पार्ट्स, झींगा और एमएसएमई उत्पाद शामिल हैं।
- उम्मीद जताई गई है कि प्रभाव न्यूनतम होगा।
रुपये में व्यापार की दिशा
- गवर्नर मल्होत्रा ने कहा कि स्थानीय मुद्रा में व्यापार भारत की दीर्घकालिक प्राथमिकता है।
- अभी भारत का मालदीव, मॉरीशस, इंडोनेशिया और यूएई के साथ रुपये में कारोबार का समझौता है।
- उन्होंने कहा, “यह हमें विदेशी मुद्रा की अस्थिरता से बचाता है। हालांकि, इसे विकसित होने में समय लगेगा।”
वित्तीय समावेशन और बैंकिंग नेटवर्क
- देश के दो-तिहाई लोग ग्रामीण इलाकों में रहते हैं, इसलिए बैंकिंग संवाददाताओं (BCs) का नेटवर्क और मजबूत करने पर जोर।
- लगभग सभी गांवों तक 5 किमी के दायरे में बैंकिंग सेवाएं पहुंच चुकी हैं, लेकिन अभी और विस्तार की जरूरत है।
- बीसी के प्रशिक्षण और उनकी सेवाओं की संख्या बढ़ाने की भी सिफारिश की गई।
तकनीक और विनियमित संस्थाएं
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग (ML) जैसी तकनीक को अपनाने पर जोर।
- विनियमित संस्थाओं को ऋण बढ़ाने और लागत घटाने के प्रयासों में तेजी लाने की जरूरत।
- गवर्नर ने कहा, “वित्तीय स्थिरता और मूल्य स्थिरता विकास में बाधा नहीं, बल्कि सतत विकास के लिए आवश्यक हैं।”



