देश में बिकने वाले एनर्जी ड्रिंक्स को लेकर भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने बड़ा कदम उठाया है। नियामक ने कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे अपने उत्पादों की लेबलिंग और श्रेणीकरण की समीक्षा करें। प्रस्तावित बदलाव के तहत “Energy Drink” शब्द के इस्तेमाल पर सख्ती हो सकती है और कंपनियों को उत्पादों को नए मानकों के अनुसार वर्गीकृत करना पड़ सकता है।
FSSAI का मानना है कि “एनर्जी ड्रिंक” शब्द कई उपभोक्ताओं, विशेषकर बच्चों और युवाओं में भ्रम पैदा कर सकता है। इसलिए उत्पादों की पैकेजिंग और मार्केटिंग में अधिक पारदर्शिता लाने की तैयारी की जा रही है। यदि नए नियम लागू होते हैं तो कई बड़ी कंपनियों को अपनी ब्रांडिंग और लेबल बदलने पड़ सकते हैं।
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खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम उपभोक्ताओं को सही जानकारी देने और स्वास्थ्य संबंधी जोखिम कम करने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है। हालांकि उद्योग जगत का मानना है कि किसी भी बदलाव से पहले कंपनियों को पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए।
यदि प्रस्ताव लागू होता है तो बाजार में बिकने वाले कई लोकप्रिय पेय पदार्थों की पैकेजिंग बदल सकती है। उपभोक्ताओं को भी उत्पाद खरीदते समय लेबल और उसमें मौजूद कैफीन तथा अन्य तत्वों की जानकारी ध्यान से पढ़ने की सलाह दी जा रही है।
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