इंदौर के गंदे पानी मामले में आखिर दोषियों को कौन बचा रहा, एसीएस की बैठक में भी नहीं हुई कोई बात, महापौर के कहने के बाद भी एक्शन नहीं

Date:


AI Audio Companion
Ready to stream full article

👉 यह भी पढ़ें:

0:00

0:00 left

इंदौर। इंदौर की विधानसभा एक के भागीरथपुरा में गंदे पानी से मौतों के मामले में अब भी दोषियों की बात कोई नहीं कर रहा। नगरीय प्रशासन विभाग के एसीएस संजय दुबे की बैठक में इस पर कोई चर्चा नहीं हुई। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने यह मामला उठाया भी, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। बैठक में सिर्फ आगामी दिनों में क्या किया जाना है इस पर ही चर्चा होती रही।

सूत्रों द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार एसीएस संजय दुबे द्वारा ली गई बैठक में जनप्रतिनिधि और अधिकारियों ने इस मुद्दे पर चर्चा की। बैठक से निकलकर महापौर ने बताया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए और लोग बीमार न हों, इसलिए लीकेज और ड्रेनेज का पानी मिलने की सघन चेकिंग पूरे शहर में करने के निर्देश दिए हैं। पूरी टीमें लगाकर काम करने के लिए कहा है। सारे हॉस्पिटलों को कहा गया है कि ऐसे तकलीफ के साथ पेशेंट आते हैं तो तुरंत इसकी जानकारी नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग को दें।

महापौर ने की दोषियों पर कार्रवाई की बात

बैठक में महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि पानी और ड्रेनेज लाइन की शिकायतों को लेकर मैंने कई बार निर्देशित किया है लेकिन काम नहीं हुए। इस पर कार्रवाई होनी चाहि, लेकिन बैठक में एसीएस ने इसका कोई जवाब नहीं दिया। सूत्र बताते हैं कि बैठक के दौरान महापौर ने अपनी असहजता जाहिर करते हुए कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में काम करना कठिन है, यह संदेश मुख्यमंत्री तक पहुंचाया जाए। बताया जाता है कि जवाब में संजय दुबे ने कहा कि यदि सभी को हटा दिया जाएगा, तो काम आखिर किससे करवाया जाएगा।

विजयवर्गीय ने कहा-पहली बार इस तरह का विरोध झेला

सूत्र बताते हैं कि नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने जमीनी हालात की ओर इशारा करते हुए कहा कि फिलहाल किसी के लिए भी भागीरथपुरा जाने की स्थिति नहीं है। लोगों में भारी आक्रोश है और यदि हालात पर नियंत्रण नहीं पाया गया तो स्थिति बिगड़ सकती है। उन्होंने कहा कि अपने राजनीतिक जीवन में उन्हें पहली बार इस तरह के विरोध का सामना करना पड़ा है।

कल की तरह बाकी जनप्रतिनिधि रहे मौन

बैठक में सांसद शंकर लालवानी, मंत्री तुलसी सिलावट, विधायक महेंद्र हार्डिया, जलकार्य समिति प्रभारी बबलू शर्मा भी मौजूद थे, लेकिन कल सीएम की बैठक की तरह किसी ने कुछ नहीं बोला। महापौर भार्गव ही अकेले मोर्चा संभालते रहे, लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं निकला।

लोगों को थी कार्रवाई की उम्मीद

कल जब सीएम डॉ.मोहन यादव इंदौर आए तब लोगों को जिम्मेदारों पर कार्रवाई की उम्मीद थी। कल की बैठक में किसी जनप्रतिनिधि ने खुलकर कुछ नहीं बोला तो सीएम ने एसीएस दुबे को इंदौर में रहकर जांच करने के निर्देश दिए। आज की बैठक से उम्मीद थी कि एसीएस दुबे जिम्मेदारों की पहचान कर कोई कार्रवाई करेंगे, लेकिन ऐसा कुछ हुआ नहीं।

आखिर जिम्मेदारों की क्यों नहीं हो रही पहचान

जनता के मन में अब भी यह सवाल है कि आखिर जिम्मेदारों का खुलासा क्यों नहीं हो रहा? ऐसे में जबकि महापौर कई बार यह कह चुके हैं कि ड्रेनेज और पानी संबंधित शिकायतों का समाधान नहीं हुआ यहां तक कि उनके निर्देशों का पालन भी नहीं हुआ तब कार्रवाई क्यों नहीं हो रही। आखिर वह कौन है जो जिम्मेदारों को पर्दे के पीछे ही रखना चाहता है?

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

Recent News
Related

Jammu-Kashmir में विधायकों के तोड़ने के आरोपों पर भड़की भाजपा, उमर अब्दुल्ला को भेजा 100 करोड़ के मानहानि का नोटिस

जम्मू-कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायकों को तोड़ने के आरोपों पर भाजपा भड़क गई है। भाजपा ने उमर अब्दुल्ला को कानूनी नोटिस जारी कर अगले 7 दिनों के भीतर अपना बयान वापस लेने और माफी मांगने को कहा गया है।  नोटिस में कहा गया है कि अगर वह ऐसा नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ 100 करोड़ रुपये के आपराधिक मानहानि के मुकदमे की चेतावनी दी गई है।