नगर निगम की समिति ने दिया था सराफा चौपाटी हटाने का सुझाव, व्यापारी और रहवासी लगातार कर रहे विरोध, फिर भी मनमानी पर उतरे महापौर

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इंदौर। इंदौर की सराफा चौपाटी का विवाद एक बार फिर गर्म है। व्यापारी जहां उसे हटाने की मांग पर अड़े हैं, वहीं महापौर पुष्यमित्र भार्गव का इससे साफ इनकार है। महापौर का कहना है कि सराफा चौपाटी इंदौर की पहचान है। यहां महापौरजी एक तथ्य भूल रहे हैं कि पिछले साल उनकी ही बनाई समिति ने सराफा चौपाटी को खतरा बताते हुए उसे हटाने का सुझाव दिया था। व्यापारी और रहवासी लगातार कर रहे विरोध, फिर भी महापौर अपनी मनमानी कर रहे हैं।

सराफा चौपाटी को लेकर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने 12 फरवरी 2024 को एक कमेटी बनाई थी। इसके अध्यक्ष लोक निर्माण एवं उद्यान विभाग के अध्यक्ष राजेन्द्र राठौर को बनाया गया था। इसमें अश्विनी शुक्ल स्वच्छता एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन सदस्य, निरंजनसिंह चौहान राजस्व विभाग-सदस्य, राकेश जैन यातायात एवं परिवहन विभाग सदस्य तथा मीता रामबाबू राठौर स्थानीय पार्षद सदस्य के रूप में नामांकित किया गया। इस समिति ने सराफा व्यापारी एसोसिएशन, चौपाटी एसोसिएशन सहित कई व्यापारिक संगठनों से चर्चा की थी। कई बार निरीक्षण भी किया था। इसके बाद 27 फरवरी 2024 को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी।

समिति ने जाहिर की थी दुर्घटना की आशंका

समिति ने अपने प्रतिवेदन में कहा कि सभी तथ्यों पर विचार करने पर सराफा चौपाटी बाजार में आगजनी, अन्य दुर्घटनाओं तथा जनहानि की संभावना है। वर्तमान में लगभग 200 दुकाने चौपाटी में लगाई जाती है, जिसमें गैस सिलेंडरों का उपयोग किया जाता है। सराफा चौपाटी में प्रतिदिन होने वाली भीड़ जिसमें महिलाएं, बच्चे रहते हैं, विशेषकर शनिवार और रविवार को होने वाली भीड़ को देखते हुए दुर्घटना तथा जनहानी हो सकती है, इसका ध्यान रखना आवश्यक है।

अन्य जगह स्थानांतरित करने का दिया सुझाव

समिति ने लिखा कि सराफा चौपाटी के इतिहास एवं प्रसिद्धि के दृष्टिगत तथा सराफा सोना-चांदी व्यापारी एसोसिएशन, स्थानीय रहवासियों तथा आसपास के बाजारों के संगठनों की सहमति के आधार पर सराफा चौपाटी को अन्यत्र स्थानांतरित किया जा सकता है। इसके लिए लालबाग, हरसिद्धि, गांधी हॉल परिसर, शांतिपथ एवं अन्य स्थान सुझाए गए थे, जिन पर समिति ने विचार करने को कहा था। समिति ने कहा था कि वहां पर उक्त व्यवसाय के लिए नगर निगम की ओर से सुविधाएं दी जा सकें और पार्किंग की समुचित व्यवस्था हो सके।

पहले की तरह तैयार सामान बेचने का भी मुद्दा

समिति ने अपने प्रतिवेदन में कहा था कि पहले यहां घर से बने हुए खाद्य पदार्थ रबड़ी, मालपूआ, गुलाब जामुन, भुट्टे का किश, जलेबी, शिकंजी, कुल्फी, गराडू, रस मलाई, खिचड़ी, गजक तथा अन्य स्वादिष्ट व्यंजन लाकर बेचे जाते थे। वर्तमान में पूर्व की तरह सीमित मात्रा में दुकानें लगाकर व सुरक्षा के मापदण्ड अपनाएं जाते हैं, तो उस पर विचार किया जा सकता है। सुरक्षा हेतु इलेक्ट्रिक / इंडक्शन चूल्हे का उपयोग करने के साथ ही चायनीज व्यंजनों पर प्रतिबंध लगाने की बात कही गई।

रहवासियों ने कहा था-जीना हो गया है दूभर

सराफा रहवासी संगठन ने 20 फरवरी 24 को नगर निगम में सराफा चौपाटी के कारण आने वाली समस्याओं से संबंधित ज्ञापन दिया था। रहवासियों द्वारा बताया कि सराफा में 35 परिवार वर्षों से निवासरत हैं, इनमें कुछ व्यापारियों की नीचे दुकानें होकर उपर रहते हैं। रहवासियों द्वारा बताया कि सराफा चौपाटी में गैस के सिलिंडर भी बहुत ज्यादा हैं एवं कोयले की सिगड़ी का उपयोग भी बढ़ता जा रहा है। कोयले की चूल्हों से दिन ब दिन वायु प्रदूषण हो रहा है। इसका धुआं पूरे बाजार में फैला रहता है। खुली हवा में थोड़ी देर खड़ा होना भी मुश्किल हो रहा है। कोयले के चूल्हों से चिंगारियां भी निकलती हैं। रहवासियों ने कहा था कि तली हुई चीजों के कारण भी वायु प्रदूषण हो रहा है। चौपाटी में बहुत सारे ठेला संचालक जोर-जोर से गाने बजाते रहते हैं, जिससे रात को सोना भी मुश्किल हो जाता है। शोरगुल के कारण बच्चों की पढ़ाई भी नहीं हो पाती है। वाहन खड़ा करने को लेकर भी अक्सर विवाद होता रहता है। इसके साथ ही रहवासियों ने कई अन्य समस्याएं भी बताई थीं।

चौपाटी हटाने के लिए दर्जनों बाजार एकजुट

राजबाड़ा क्षेत्र के कई बाजार एसोसिएशन द्वारा सराफा चौपाटी के स्थानांतरण हेतु पत्र सहमति पत्र प्रस्तुत किए थे। इनमें शक्कर बाजार व्यापारी एसोसिएशन, एम.टी.एच. क्लॉथ मर्चेंट एसोसिएशन, इंदौर चांदी सोना जवाहरात दलाल एसोसिएशन, सीतलामाता बाजार व्यापारी एसोसिएशन, राजवाड़ा चौक व्यापारी एवं रहवासी संघ, सराफा साख सहकारी संस्था मर्यादित इंदौर, पीपली बाजार एसोसिएशन, गोपाल मंदिर राजबाड़ा व्यापारी एसोसिएशन, बोहरा बाजार व्यापारी संघ, इंदौर रिटेल गारमेंटस एसोसिएशन, सांठा बाजार वस्त्र व्यापारी संघ, बजाज खाना चौक, उदापुरा व्यापारी एसोसिएशन, श्री मारोठिया बाजार व्यापारी संघ, इंदौर मराठी व्यापारी एसोसिएशन, श्री मेढ़ क्षेत्रिय स्वर्णकार मारवाड़ी समाज इंदौर द्वारा सराफा चौपाटी स्थानांतरण के समर्थन में सराफा चांदी-सोना एसोसिएशन को पत्र सौंप थे।

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