मध्य प्रदेश के सागर जिले में ललितपुर से नकली रैपर के जरिए जहरीली शराब सप्लाई का मामला सामने आया है, जिसने स्थानीय प्रशासन को सतर्क कर दिया है। इस घटना में अब तक 9 से 14 लोगों की मौत हो चुकी है और 20 से अधिक लोग गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती हैं।
ललितपुर से सागर तक फैला अवैध शराब नेटवर्क
पुलिस जांच में यह पता चला है कि ललितपुर में तैयार की गई जहरीली शराब सागर के ग्रामीण इलाकों में सप्लाई की जा रही थी। इस अवैध कारोबार में शामिल माफिया गिरोह शराब की बोतलों पर असली ब्रांड जैसे नकली रैपर और फर्जी क्यूआर कोड का इस्तेमाल कर रहे थे।
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सिंडिकेट के मुख्य आरोपी गिरफ्तार
ललितपुर निवासी रवि लखेरा, उसकी पत्नी शिवानी लखेरा, चंद्रेश लोधी और मोना राजा को इस सिंडिकेट के प्रमुख संचालक के रूप में पहचाना गया है। पुलिस ने इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है और लगातार छापेमारी कर रही है।
प्रभावित क्षेत्र और स्थानीय कार्रवाई
यह शराब सागर के बंडा, बांदरी, बढ़ोदिया, गूगरा खुर्द और नौराज जैसे गांवों में सप्लाई की जा रही थी। प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए पांच शराब की दुकानों को सील किया है और शराब के नमूनों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा है।
प्रशासनिक और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
सागर कलेक्टर प्रतिभा पाल ने अस्पताल जाकर प्रभावितों का हालचाल लिया और स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घटना पर दुख व्यक्त किया है, जबकि कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
आगे की कार्रवाई
ललितपुर और सागर पुलिस की विशेष टीमें मिलकर इस नेटवर्क को जड़ से उखाड़ने की कोशिश कर रही हैं। अब तक की जांच में यह भी पता चला है कि नकली शराब की सप्लाई चार पहिया वाहनों और बाइकों के जरिए की जा रही थी।
आम जनता पर असर
इस घटना ने सागर जिले के लोगों में भय और चिंता बढ़ा दी है। नकली शराब से हो रही मौतों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध शराब की बिक्री पर कड़ी निगरानी की जरूरत है।



