स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में इंदौर ने स्वच्छता के बाद स्वच्छ हवा में भी अपनी धाक जमाई है। इंदौर ने 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में पहला स्थान प्राप्त किया है।
स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में इंदौर का प्रदर्शन
केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा आयोजित इस सर्वेक्षण में इंदौर ने 200 में से 200 अंक प्राप्त किए। यह सर्वेक्षण राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के अंतर्गत हुआ था, जिसमें इंदौर ने सभी प्रमुख मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
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पुरस्कार और मान्यता
इंदौर को इस उत्कृष्टता के लिए ₹1.5 करोड़ की प्रोत्साहन राशि से नवाजा गया। यह पुरस्कार नई दिल्ली स्थित इंदिरा पर्यावरण भवन में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव द्वारा प्रदान किया गया।
अन्य शीर्ष शहर
इस श्रेणी में अन्य शीर्ष शहरों में जबलपुर दूसरे स्थान पर रहा, जिसने 199 अंक प्राप्त किए। आगरा और सूरत ने संयुक्त रूप से तीसरा स्थान प्राप्त किया, दोनों ने 196 अंक हासिल किए।

सफलता के प्रमुख कारण
इंदौर की सफलता का मुख्य आधार ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, वैज्ञानिक सड़क सफाई और 120 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन रहा। इसके अलावा, 16 लाख से अधिक पौधों का वृक्षारोपण भी एक बड़ा कारण रहा।
मध्य प्रदेश का प्रभाव
इंदौर और जबलपुर की सफलता ने मध्य प्रदेश को स्वच्छता के क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित किया। देवास ने 3 लाख से कम आबादी वाले शहरों में शीर्ष स्थान प्राप्त किया।
भविष्य की दिशा
इस उपलब्धि के बाद इंदौर के नागरिकों में स्वच्छता और पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। शहर प्रशासन भविष्य में भी इसी तरह के प्रयास जारी रखने की योजना बना रहा है।



