इंदौर। 1989 बैच के आईएएस अधिकारी अनुराग जैन मप्र के नए मुख्य होंगे। उनकी नियुक्ति की घोषणा आज कर दी गई है। वे अभी प्रतिनियुक्ति पर भारत सरकार में सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय में सचिव थे और पीएम नरेंद्र मोदी के पसंद बताए जाते हैं। उनका आदेश आज जारी हुआ और आज ही वर्तमान मुख्य सचिव वीरा राणा का कार्यकाल खत्म हो रहा है।
उल्लेखनीय है कि शुरू से ही अनुराग जैन और डॉ.राजेश राजौरा के नाम की चर्चा चल रही थी। लोकसभा चुनाव से पहले जब दिल्ली के एमपी भवन में जैन की सीएम डॉ.मोहन यादव की मुलाकात हुई थी, तब से यह माना जाने लगा था कि नए सीएस के पद पर उनकी नियुक्ति तय है। जैन 30 मई 2020 से केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर गए थे।
👉 यह भी पढ़ें:
- अनुराग जैन के जाते ही नए सीएस बर्णवाल ने बिछाई अपनी बिसात, मंत्रालय से बाहर हुए राजेश राजौरा, भास्कर लक्षकार बने इंदौर कमिश्नर
- एमपी के मुख्य सचिव अनुराग जैन की आखिर क्यों हुई दिल्ली वापसी, क्या प्रदेश में ही नहीं मिल सकता था एक्सटेंशन?
- मध्यप्रदेश के सीएस उम्मीदवारों की वेटिंग नहीं हुई कन्फर्म, अनुराग जैन को मिला एक साल का एक्सटेंशन, सीएम यादव ने दी बधाई
- मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव को लेकर अटकलों का बाजार गर्म, क्या अनुराग जैन को मिलेगा एक्सटेंशन या वेटिंग सीट कन्फर्म होगी
बेहद ईमानदार और सुलझे हुए अधिकारी
अनुराग जैन को बेहद ईमानदार और सुलझा हुआ अधिकारी माना जाता है। पिछले दिनों सीएम मोहन यादव ने जो नाम मुख्य सचिव के लिए भेजे थे उनमें डॉ.राजौरा और जैन का नाम शामिल था। अनुराग जैन फिलहाल मध्य प्रदेश के सबसे सीनियर अधिकारी हैं।
कई दिनों से चल रहा था राजौरा का नाम
पिछले कई दिनों से डॉ. राजेश राजौरा का नाम सबसे आगे चल रहा था। डॉ.राजौरा 1990 बैच के आईएएस हैं और प्रदेश के 35 वें मुख्य सचिव के रूप में वे कार्यभार संभाल रहे हैं। प्रदेश के विभिन्न पदों की शोभा बढ़ा चुके राजौरा हमेशा नए प्रयोग करने के लिए पहचाने जाते हैं। जब डॉ. मोहन यादव मुख्यमंत्री बने तो धार्मिक स्थानों से लाउडस्पीकर हटाने का फैसला भी राजौरा की ही देन है। वे इंदौर, उज्जैन, धार, बालाघाट आदि जिलों में कलेक्टर रह चुके हैं, लेकिन जैन उन पर भारी पड़े।



