केरल के त्रिशूर जिले में एक भीषण सड़क हादसे में 8 छात्रों की जान चली गई। यह दर्दनाक घटना राष्ट्रीय राजमार्ग-66 पर पनामपिक्कुन्नू इलाके में घटी। हादसे का कारण सड़क किनारे खड़ी लॉरी से कार की टक्कर बताई जा रही है। इस हादसे ने पूरे इलाके को शोक में डाल दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की दुर्घटनाएं यहां पहले भी हो चुकी हैं।
तेज रफ्तार में थी कार
दुर्घटना की रात, कार गुरुवायूर से कोडुंगल्लूर की ओर जा रही थी। कार की तेज रफ्तार के चलते यह सड़क किनारे खड़ी लॉरी से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। विशेषज्ञों का मानना है कि तेज रफ्तार के कारण ड्राइवर को गाड़ी पर नियंत्रण खोना पड़ा। यातायात नियमों के पालन की कमी भी एक बड़ा कारण हो सकता है।
सभी मृतक तमिलनाडु के छात्र
इस हादसे में जान गंवाने वाले सभी छात्र तमिलनाडु के थे। वे डिंडीगुल स्थित पीएसएनए कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के छात्र थे। हादसा छात्रों के परिवारों के लिए गहरा आघात लेकर आया है। उनके सहपाठियों का कहना है कि ये छात्र बहुत होनहार थे और उनकी आकस्मिक मृत्यु से कॉलेज में शोक का माहौल है। कॉलेज प्रशासन ने भी इस हादसे पर दुख व्यक्त किया है।
राहत एवं बचाव कार्य
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। कार के मलबे में फंसे शवों को बाहर निकालने के लिए गैस कटर का सहारा लिया गया। राहत कार्य के दौरान, स्थानीय लोगों ने भी मदद की। हादसे के तुरंत बाद यातायात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने कई कदम उठाए।
पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए शव
सभी शवों को त्रिशूर मेडिकल कॉलेज की मोर्चरी में पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस ने शुरुआती पंचनामा की प्रक्रिया पूरी कर ली है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह समझने में मदद मिलेगी कि दुर्घटना के समय कार की स्थिति क्या थी। इस रिपोर्ट से जांच में सहायता मिल सकती है।
हादसे की जांच जारी
पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि सड़क किनारे खड़ी लॉरी से टक्कर किस परिस्थिति में हुई। क्या सड़क निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था, यह भी जांच का विषय है। इसके अलावा, सड़क पर लगे साइनबोर्ड और अन्य सुरक्षा उपायों की भी जांच की जा रही है। हादसे के लिए जिम्मेदार तत्वों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।



