👉 यह भी पढ़ें:
- US-Iran War Update: होर्मुज़ स्ट्रेट पर बढ़ा संकट, अमेरिका के 90 हमले, ईरान का पलटवार… क्या फिर मध्य पूर्व में छिड़ने वाली है बड़ी जंग?
- भड़का नया संकट! ट्रंप के आदेश के बाद ईरान पर लगातार दूसरे दिन अमेरिकी हमले,
- US vs Iran: होर्मुज़ स्ट्रेट हमले के बाद अमेरिका का बड़ा एयर स्ट्राइक, बढ़ा मिडिल ईस्ट तनाव
- PM Modi-Iran President Call: पश्चिम एशिया संकट पर पीएम मोदी और ईरानी राष्ट्रपति की अहम बातचीत, होर्मुज स्ट्रेट और शांति पर बड़ा संदेश
- US vs Iran Breaking News: CENTCOM ने जारी किया एयरस्ट्राइक का Video, Donald Trump की ईरान को खुली चेतावनी, बोले- ‘जल्द दिखेगा अंजाम’
- US-Iran Conflict: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ड्रोन अटैक के बाद अमेरिका का बड़ा एयरस्ट्राइक, ईरान ने दी कड़ी चेतावनी | Middle East Breaking News
0:00 left
युद्ध के बीच ईरान का बड़ा फैसला, भारतीय गैस टैंकरों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरान ने भारत के दो तरल प्राकृतिक गैस वाले टैंकरों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दे दी है। सूत्रों के अनुसार यह समुद्री मार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण रास्तों में से एक माना जाता है, लेकिन क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण कई जहाज इस संकरे जलमार्ग से गुजर नहीं पा रहे हैं।
भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने कहा कि शत्रुता के बावजूद ईरान ने इस रणनीतिक जलडमरूमध्य को बंद नहीं किया है। उन्होंने बताया कि जलडमरूमध्य खुला हुआ है, लेकिन मौजूदा हालात के कारण जहाजों की आवाजाही आसान नहीं है। उनके अनुसार ईरान कभी भी इस मार्ग को बंद नहीं करना चाहता था और अभी भी कुछ जहाज यहां से गुजर रहे हैं।
उन्होंने दुनिया के नेताओं से अपील की कि वे अमेरिका पर दबाव बनाएं, ताकि यह संघर्ष जल्द समाप्त हो सके और युद्ध के कारण ऊर्जा की कीमतों में हो रही तेज बढ़ोतरी को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि जिसने यह युद्ध शुरू किया है, वही इसे रोक भी सकता है। इस युद्ध के कारण दुनिया भर के लोग प्रभावित हो रहे हैं, इसलिए सभी देशों के नेताओं को एकजुट होकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर दबाव डालना चाहिए, ताकि इस अन्यायपूर्ण युद्ध को तुरंत रोका जा सके।
पश्चिम एशिया में मौजूदा संघर्ष 28 फरवरी को शुरू हुआ था। इसमें एक ओर अमेरिका और इजराइल हैं, जबकि दूसरी ओर ईरान खड़ा है। ईरान के 86 वर्षीय सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई की अमेरिका और इजराइल के हमलों में मौत के बाद यह संघर्ष और तेज हो गया।



