राजकोट में 2500 करोड़ रुपये के बड़े साइबर धोखाधड़ी मामले का खुलासा हुआ है, जिसने बैंकिंग व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घोटाले में निजी बैंकों के अधिकारियों की संलिप्तता सामने आई है। पुलिस ने हाल ही में तीन और लोगों को गिरफ्तार किया है, जिसके बाद कुल गिरफ्तार आरोपियों की संख्या 20 हो गई है।
राजकोट पुलिस के अनुसार, यस बैंक के पर्सनल मैनेजर मौलिक कामानी, एक्सिस बैंक के मैनेजर कल्पेश डांगरिया और एचडीएफसी बैंक के पर्सनल बैंकर अनुराग बाल्धा को इस मामले में गिरफ्तार किया गया है।
👉 यह भी पढ़ें:
- Ram Mandir Donation Scam: राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर SIT रिपोर्ट का बड़ा खुलासा, 70 बार कैद हुई चोरी, सुरक्षा में गंभीर लापरवाही उजागर
- Ayodhya Ram Mandir Donation Controversy: चढ़ावे में घोटाले के आरोपों से मचा सियासी तूफान, क्या SIT जांच में सामने आएगा बड़ा सच?
- Bhopal Terror Module Exposed: भोपाल से राजस्थान, यूपी और हरियाणा तक फैला नेटवर्क! ATS की कार्रवाई में चौंकाने वाले खुलासे
- पश्चिम बंगाल में भर्ती घोटाले पर बड़ा एक्शन: पूर्व मंत्री सुजीत बोस गिरफ्तार , रातभर चली ईडी की कार्रवाई
- नोएडा में साजिश का पर्दाफाश: युवाओं को भटकाकर स्लीपर सेल बनाने की कोशिश उजागर
- भारत पर बढ़ा साइबर हमलों का खतरा: एक साल में 4.7 करोड़ ऑनलाइन हमले नाकाम, रोजाना 1.3 लाख वेब खतरों का सामना
जांच में सामने आया है कि कामानी ने पहले से गिरफ्तार आरोपियों को संदिग्ध बैंक खाते खोलने और उन्हें संचालित करने में मदद की। उसने कई दस्तावेजों का उपयोग कर खातों को सक्रिय रखा, जिससे बड़े लेन-देन पर बैंक द्वारा जारी होने वाले अलर्ट को दरकिनार किया जा सके।
वहीं, डांगरिया ने फर्जी पहचान के आधार पर खाते खुलवाने में भूमिका निभाई, जबकि बाल्धा ने वेरिफिकेशन और सर्टिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी कर नए खाते खोलने में मदद की। ये सभी आरोपी खातों से नकदी निकालने और उसे हवाला नेटवर्क के जरिए आगे भेजने में भी शामिल थे।
पुलिस ने तीनों आरोपियों को हिरासत में भेज दिया है, जबकि पहले से गिरफ्तार अन्य आरोपी जेल में हैं। अब तक इस रैकेट से जुड़े 85 बैंक खातों की पहचान की जा चुकी है और साइबर अपराध पोर्टल पर 535 शिकायतें दर्ज की गई हैं।



