भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी को नई रफ्तार: INDO-PACOM कमांडर ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की जमकर सराहना

Date:


AI Audio Companion
Ready to stream full article

👉 यह भी पढ़ें:

0:00

0:00 left

भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी को नई रफ्तार: INDO-PACOM कमांडर ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की जमकर सराहना

नई दिल्ली दौरे पर आए अमेरिका के हिंद-प्रशांत कमान (United States Indo-Pacific Command) के कमांडर एडमिरल पपारो ने भारत के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की खुलकर प्रशंसा की। पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि इस अभियान में भारतीय सेना ने अद्भुत संयम, रणनीतिक सटीकता और शक्ति का परिचय देकर शांति बनाए रखने की मिसाल पेश की है।

संयम और रणनीतिक दक्षता की सराहना

एडमिरल पपारो ने कहा कि ऐसे अभियानों को देखकर सभी शांतिप्रिय राष्ट्र चिंतित हो जाते हैं, लेकिन भारत ने जिस संतुलन और नियंत्रण का प्रदर्शन किया, वह प्रशंसनीय है। उन्होंने विशेष रूप से भारत के टैक्टिकल निष्पादन और ऑपरेशन के बाद किए गए आत्ममंथन की तारीफ की, जिससे भविष्य के लिए महत्वपूर्ण सबक निकाले गए।

चीनी मूल के हथियारों पर संकेत, बढ़ती आक्रामकता पर चिंता

पाकिस्तान द्वारा इस्तेमाल किए गए चीनी मूल के हथियारों—मिसाइल और गाइडेंस सिस्टम—का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इन घटनाओं से कई अहम सबक मिले हैं। लंबी दूरी के हथियारों और जटिल “किल चेन” की समझ और तैयारी पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
हालांकि उन्होंने सीधे तौर पर चीन का नाम नहीं लिया, लेकिन हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बढ़ती ‘कोएर्शन’ और ‘एग्रेशन’ पर गंभीर चिंता जताई।

मजबूत साझेदारी से बढ़ता डिटरेंस

पपारो ने कहा, “हमारी साझेदारी का डिटरेंस पर एक्सपोनेंशियल प्रभाव पड़ता है, क्योंकि यह शांति बनाए रखने के साझा उद्देश्य को दर्शाती है।”
उन्होंने भारत के हिंद महासागर क्षेत्र में योगदान की सराहना की और कहा कि दोनों देश संप्रभुता, नौवहन की स्वतंत्रता और समुद्री आजादी के सिद्धांतों के प्रति प्रतिबद्ध हैं।

हिंद-प्रशांत: रणनीतिक रूप से सबसे अहम क्षेत्र

उन्होंने बताया कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में दुनिया की लगभग 60% आबादी, 60% से अधिक वैश्विक GDP और शीर्ष 10 सेनाओं में से 7 मौजूद हैं। ऐसे में क्षेत्रीय स्थिरता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भारत-अमेरिका जैसी मजबूत साझेदारियां बेहद जरूरी हैं।

एडमिरल पपारो का यह बयान ऐसे समय आया है जब हिंद-प्रशांत में बढ़ती चुनौतियों के बीच भारत और अमेरिका रक्षा सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

Abhilash Shukla (Editor)
Abhilash Shukla (Editor)http://www.hbtvnews.com
Abhilash Shukla is an experienced editor with over 28 years in journalism. He is known for delivering balanced, impactful, and credible news coverage.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

Recent News
Related

राजनाथ बोले: शांति हमारी ताकत, सेना को मिली खुली छूट

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह बोले: शांति हमारी ताकत, सेना को मिली खुली छूट। सेना प्रमुख ने इसे आत्मविश्वास बढ़ाने वाला बताया।

केतन हत्याकांड: करीबी रितेश हिंगे गिरफ्तार, पुलिस के बड़े खुलासे

केतन अग्रवाल हत्याकांड में रितेश हिंगे की गिरफ्तारी से मामले में नया मोड़। पुलिस की जांच में संलिप्तता के पुख्ता सबूत मिले।

5 राज्यों की 6 सीटों पर उपचुनाव 6 अक्टूबर को, जानें काउंटिंग डेट

5 राज्यों की 6 सीटों पर उपचुनाव 6 अक्टूबर को होगा। असम की एक लोकसभा सीट और 5 विधानसभा सीटें शामिल हैं।

रक्षा मंत्री ने 1.10 लाख करोड़ की सैन्य खरीद को दी मंजूरी

रक्षा मंत्री ने 1.10 लाख करोड़ रुपये की सैन्य खरीद को मंजूरी दी। यह कदम भारतीय रक्षा तैयारियों को मजबूत करेगा।

पिछड़ रहा है इंदौर…महापौर और कमिश्नर को बधाई

इंदौर की हवा और सफाई की स्थिति बिगड़ रही है। महापौर और निगमायुक्त की निष्क्रियता पर सवाल।

सत्य निकेतन हादसा: मालिक हरिराम बंसल गिरफ्तार

सत्य निकेतन हादसे के मालिक हरिराम बंसल की गिरफ्तारी से मामले में नई गति आई है। उन्हें भिवाड़ी, राजस्थान से पुलिस ने गिरफ्तार किया।

एआईएम कांग्रेस 2026: एमपी सीएम ने दुबई में निवेशकों को किया आमंत्रित

एआईएम कांग्रेस 2026 में सीएम डॉ. मोहन यादव ने दुबई में वैश्विक निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया।

शेयर बाजार में गिरावट, निफ्टी 23800 के नीचे बंद

शेयर बाजार में गिरावट, निफ्टी 23800 के नीचे बंद। ग्लोबल मार्केट और IT स्टॉक्स का असर।

वार्ड 58 और 60 के उपचुनाव फिर टले, मतदाता सूची की जांच होगी

इंदौर के वार्ड 58 और 60 के उपचुनाव मतदाता सूची की गड़बड़ियों के कारण फिर से टल गए हैं। विस्तृत जांच के बाद नया कार्यक्रम जारी होगा।

भारत-अमेरिका अंतरिक्ष सहयोग: चंद्रमा मिशन में साथ की तैयारी

भारत-अमेरिका अंतरिक्ष सहयोग में एक नई दिशा की शुरुआत हो रही है। अमेरिकी राजदूत ने भारत को चंद्रमा मिशन में शामिल होने का न्योता दिया।