कलकत्ता हाई कोर्ट जज अभिजीत गंगोपाध्याय का इस्तीफा
अपने विभिन्न फसलों के दौरान सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और उसकी सरकार के ख़िलाफ़ कड़ी टिप्पणियों के लिए अक्सर सुर्ख़ियों में रहने वाले न्यायमूर्ति गंगोपाध्याय ने रविवार को ही ऐलान किया था कि सोमवार को हाई कोर्ट के जज के तौर पर उनका आखिरी दिन होगा. वे राजनीति में नई पारी शुरू करेंगे.

👉 यह भी पढ़ें:
- इंदौर एलिवेटेड कॉरिडोर पर हाईकोर्ट में अंतिम सुनवाई पूरी, अब अंतिम आदेश का इंतजार
- स्कूल में हिजाब पर इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: यूनिफॉर्म नियम मानना जरूरी
- TMC को कलकत्ता हाई कोर्ट से झटका, फ्रीज तीन बैंक खातों के इस्तेमाल की नहीं मिली अनुमति
- Sonam Wangchuk की पत्नी गीतांजली को दिल्ली हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत, सफदरजंग अस्पताल में ही होगा इलाज, मिलने की अनुमति रहेगी
- Cheque Bounce Case: राजपाल यादव को दिल्ली हाईकोर्ट से झटका, तीन महीने की जेल की सजा के साथ भरना होगा मोटा जुर्माना
- Sonam Raghuvanshi की जमानत बरकरार, मेघालय हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की याचिका की खारिज
कलकत्ता हाई कोर्ट के जज अभिजीत गंगोपाध्याय ने सोमवार को अपने लंबे न्यायिक करियर का आख़िरी फ़ैसला सुनाया. इसके बाद वो अपने कक्ष से निकल गए.उनका आख़िरी फ़ैसला ईस्ट मेदिनीपुर जिले के एक जज को बर्खास्त करने से संबंधित था. उन्होंने मुख्य न्यायाधीश से इस मामले पर विचार कर ऐसा करने की सिफ़ारिश की.
यह भी दिलचस्प संयोग है कि उन्होंने जिस मेदिनीपुर जिले से संबंधित फ़ैसला सुनाया, उसी जिले से उनकी नई राजनीतिक पारी शुरू होने के कयास लगाए जा रहे हैं.न्यायमूर्ति गंगोपाध्याय ने रविवार को एक सवाल पर कहा था कि वे किसी भी स्थिति में तृणमूल कांग्रेस में शामिल नहीं होंगे.



