बिहार विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग की सख्त चेतावनी — एआई के गलत इस्तेमाल पर होगी कार्रवाई

Date:


AI Audio Companion
Ready to stream full article

👉 यह भी पढ़ें:

0:00

0:00 left

बिहार विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग की सख्त चेतावनी — एआई के गलत इस्तेमाल पर होगी कार्रवाई

बिहार विधानसभा चुनाव में अब एक महीने से भी कम समय बचा है, और सभी राजनीतिक दल अपनी तैयारियों में जुट गए हैं। इसी बीच चुनाव आयोग ने प्रचार-प्रसार में एआई के दुरुपयोग को लेकर सभी दलों को सख्त चेतावनी दी है।

Bihar Election: बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर हलचल तेज, चुनाव आयोग की टीम  पहुंची पटना

आयोग ने अपने बयान में कहा है कि कोई भी राजनीतिक पार्टी या उम्मीदवार एआई का गलत इस्तेमाल कर फर्जी वीडियो, ऑडियो या झूठी जानकारी सोशल मीडिया पर साझा न करे। यदि कोई दल प्रचार के लिए एआई-जनरेटेड सामग्री (जैसे वीडियो, ऑडियो या इमेज) का उपयोग करता है, तो उसे स्पष्ट रूप से “एआई-जनरेटेड”, “डिजिटल रूप से संवर्धित” या “सिंथेटिक कंटेंट” के रूप में चिह्नित करना अनिवार्य होगा।

आयोग ने कहा कि सोशल मीडिया पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है, ताकि कोई भी दल चुनावी माहौल को भड़काने या मतदाताओं को गुमराह करने की कोशिश न कर सके। यदि एआई टूल्स का उपयोग कर फर्जी या भ्रामक जानकारी फैलाई गई, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। आयोग ने कहा कि यह कदम चुनाव की पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए आवश्यक है।

यह पहली बार नहीं है जब चुनाव आयोग ने एआई के दुरुपयोग को लेकर चेतावनी जारी की हो। लोकसभा चुनाव के दौरान भी आयोग ने इस विषय पर दिशा-निर्देश जारी किए थे।

Abhilash Shukla (Editor)
Abhilash Shukla (Editor)http://www.hbtvnews.com
Abhilash Shukla is an experienced editor with over 28 years in journalism. He is known for delivering balanced, impactful, and credible news coverage.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

Recent News
Related

पूर्व चुनाव आयुक्त एसवाय कुरैशी ने एसआईआर पर उठाए सवाल, इस प्रक्रिया को लोकतंत्र से छेड़छाड़ बताया

चुनाव आयोग की एसआईआर प्रक्रिया पर विपक्षी दल लगातार सवाल उठाते रहे हैं। अब पूर्व चुनाव आयुक्त एसवाय कुरैशी ने एसआईआर प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा है कि इस प्रक्रिया की नीयत ठीक नहीं है। इस प्रक्रिया के तहत करोड़ों वोटर्स के नाम हटाए गए हैं। यह लोकतंत्र के साथ छेड़छाड़ है।