सहरसा जिले में भाजपा नेता अभिजीत सिंह की हत्या की घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है। इस हत्या का आरोप उनके ही दोस्त आर्यन पर लगा है। पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है, हालांकि अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
भाजपा नेता अभिजीत सिंह की हत्या का मामला
सहरसा में भाजपा नेता अभिजीत सिंह की हत्या की खबर से इलाके में हड़कंप मच गया। शुक्रवार, 18 सितंबर 2026 को उनके घर से उनका शव बरामद हुआ। मृतक की उम्र लगभग 20-22 वर्ष बताई जा रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, उन्हें गोली मारी गई थी। अभिजीत भाजपा युवा मोर्चा के जिला महामंत्री थे और हाल ही में उन्होंने यह पद संभाला था।
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हत्या के पीछे दोस्त आर्यन पर साजिश का आरोप
हत्या की वारदात के बाद पुलिस ने जांच के दौरान अभिजीत के दोस्त आर्यन पर हत्या की साजिश का आरोप लगाया है। बताया जा रहा है कि हत्या पार्टी से लौटने के बाद हुई है। आर्यन ने ही शव को देखा और अभिजीत के छोटे भाई को इसकी सूचना दी। फिलहाल पुलिस इस मामले में किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है।
घटना के समय और पोस्टमार्टम की कार्रवाई
पुलिस के मुताबिक, अभिजीत सिंह की हत्या की घटना बुधवार रात की बताई जा रही है। हत्या के बाद शव को कमरे में रखा गया था और तकिए से ढका गया था। सूचना मिलते ही सदर एसडीपीओ पंकज कुमार सिंह दल बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। बाद में शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद हत्या के कारणों और घटनाक्रम का और खुलासा हो सकता है।
पार्टी के बाद हुई वारदात का संदिग्ध विवरण
जानकारी के अनुसार, हत्या की रात अभिजीत सिंह किसी पार्टी में गए थे। पार्टी से लौटने के बाद ही उनकी हत्या हुई। उनके दोस्त आशीष कुमार ने बताया कि आर्यन ने ही घटना की सूचना दी थी। आशीष ने कहा कि जब उन्होंने घर का निरीक्षण किया तो मुख्य गेट खुला था लेकिन बरामदे का गेट ताला लगा था। खिड़की से झांकने पर उन्हें गोली लगने की आशंका हुई।
हत्या के पीछे संभावित कारण और सामाजिक प्रभाव
पुलिस को प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि हत्या के पीछे पैसों को लेकर विवाद हो सकता है। हालांकि, मामले की पूरी गहराई जांच के बाद ही सामने आ सकेगी। इस घटना ने सहरसा जिले में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। युवा नेता की हत्या से स्थानीय जनता में असुरक्षा की भावना बढ़ी है।
पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई
पुलिस ने पूरे इलाके में सघन जांच अभियान चलाया है। सभी संभावित साक्ष्यों को जुटाया जा रहा है। अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन पुलिस जल्द ही आरोपियों को पकड़ने का दावा कर रही है। सहरसा की यह घटना राजनीतिक वातावरण को प्रभावित कर सकती है। प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश भी दिए हैं।



