👉 यह भी पढ़ें:
- स्कूल में हिजाब पर इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: यूनिफॉर्म नियम मानना जरूरी
- “शुद्ध पेट्रोल तुम्हारे बाप के यहां से आएगा क्या?” BJP सांसद जनार्दन मिश्रा के बयान से मचा सियासी बवाल, इथेनॉल पर छिड़ी नई बहस
- NEET UG 2026 Paper Leak: सीबीआई की चार्जशीट में कई खुलासे, परीक्षा के तीन दिन पहले ही लीक हो गए थे पेपर
- Brij Bhushan Sharan Singh को कोर्ट से बरी किए जाने पर बोलीं विनेश फोगाट- हमने उम्मीद नहीं छोड़ी है, जारी रहेगी लड़ाई
- दिल्ली में संसद मार्च से पहले सियासी हलचल तेज, CJP संस्थापक अभिजीत दीपके का बड़ा दावा; पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
- El Nino Alert 2026: 75 साल का सबसे खतरनाक अलनीनो! भारत में खेती से बिजली तक मचेगा संकट, दुनिया पर भी पड़ेगा बड़ा असर?
0:00 left
बड़ी विरासत बनाम अपने ही: सीबीआई अदालत के फैसले के बीच लालू परिवार में उभरा सियासी टकराव
भूमि के बदले नौकरी घोटाले में सीबीआई अदालत द्वारा आरोप तय किए जाने के फैसले ने राष्ट्रीय जनता दल सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार की कानूनी मुश्किलें तो बढ़ाई ही हैं, साथ ही पार्टी के भीतर दबे मतभेदों को भी सतह पर ला दिया है। इस सियासी उथल-पुथल के बीच लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य का सोशल मीडिया पोस्ट राजद की आंतरिक राजनीति में नई बहस का कारण बन गया है।
अदालत ने लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव, मीसा भारती समेत सभी आरोपितों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं में मुकदमा चलाने का आदेश दिया है।
बिहार विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद से ही राजद के भीतर असंतोष की सुगबुगाहट थी। अब इस आग को हवा दी है रोहिणी आचार्य के बयान ने। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर किए गए उनके पोस्ट में उन्होंने बिना नाम लिए ऐसे ‘अपनों’ पर हमला बोला, जो कथित तौर पर राजद की ‘बड़ी विरासत’ को कमजोर करने में लगे हैं।
रोहिणी ने लिखा—
“बड़ी शिद्दत से बनायी और खड़ी की गयी ‘बड़ी विरासत’ को तहस-नहस करने के लिए परायों की जरूरत नहीं होती, अपने और चंद षड्यंत्रकारी ‘नए बने अपने’ ही काफ़ी होते हैं।”
उनकी पंक्तियां सियासी तंज से ज्यादा पारिवारिक पीड़ा और गहरे असंतोष का बयान प्रतीत होती हैं।
उन्होंने आगे इशारा किया कि जिस पहचान और वजूद के कारण सब कुछ हासिल हुआ, उसी को मिटाने की कोशिश जब अपने ही करने लगें, तो यह चौंकाने वाला होता है।
राजनीतिक गलियारों में इस बयान का सीधा संकेत तेजस्वी यादव के रणनीतिकार संजय यादव और पार्टी के सोशल मीडिया संचालन से जुड़े रमीज नेमत की ओर माना जा रहा है। संजय यादव को तेजस्वी की राजनीति का ‘माइंड’ कहा जाता है, जबकि रमीज नेमत पहले भी पार्टी के डिजिटल नैरेटिव को लेकर विवादों में रहे हैं।
रोहिणी के बयान ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या राजद की राजनीतिक दिशा अब परिवार के बाहर से तय की जा रही है। यह पहली बार नहीं है जब यादव परिवार में ‘भीतरघात’ की बात सार्वजनिक हुई हो। इससे पहले तेज प्रताप यादव भी ‘जयचंद’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर अपनों पर निशाना साध चुके हैं।



