रेल मंत्रालय का बड़ा ऐलान: वित्तीय वर्ष 2025-26 में 50,000 से अधिक भर्तियां,
रेलवे मंत्रालय ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में 50,000 से अधिक उम्मीदवारों को नौकरियां दी जाएंगी। मंत्रालय के अनुसार, रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) द्वारा इस साल की पहली तिमाही में ही 9,000 से अधिक उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र जारी किए जा चुके हैं।
👉 यह भी पढ़ें:
- Paper Leak Controversy: पीएम मोदी के फास्ट ट्रैक कोर्ट के ऐलान पर CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका का पलटवार, बोले- ‘मरहम नहीं, चोट की वजह का इलाज जरूरी’
- PM Modi का बड़ा ऐलान! भारत-न्यूजीलैंड बने Strategic Partners, FTA, Direct Flights और ₹35,000 करोड़ व्यापार लक्ष्य पर ऐतिहासिक समझौता
- US-Iran Tension: ट्रंप की चेतावनी के बाद ईरान का बड़ा ऐलान! ‘अमेरिका पर बिल्कुल भरोसा नहीं’, युद्ध की तैयारी का दावा
- Iran-US Peace Deal से बौखलाया Israel? नेतन्याहू का बड़ा ऐलान—’लेबनान से नहीं हटेंगे’, क्या ट्रंप और इजरायल में बढ़ गई दरार?
- India-Pakistan Tension: राजनाथ सिंह का बड़ा ऐलान! “आतंक के संरक्षकों तक नहीं पहुंचेगा सिंधु का पानी”, पाकिस्तान को सीधी चेतावनी
- CBSE Revaluation 2026: 12वीं के छात्रों के लिए बड़ी खबर! खुल गया Verification & Re-evaluation Portal, क्या बढ़ सकते हैं आपके अंक?
1.86 करोड़ उम्मीदवारों ने दी परीक्षाएं
रेल मंत्रालय की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, आरआरबी ने नवंबर 2024 से अब तक कुल 55,197 पदों के लिए सात अलग-अलग अधिसूचनाएं जारी की हैं। इन अधिसूचनाओं के तहत 1.86 करोड़ से अधिक उम्मीदवारों ने कंप्यूटर आधारित परीक्षाएं (CBT) दी हैं।
2024 से अब तक 1,08,324 पदों के लिए जारी हुईं 12 अधिसूचनाएं
मंत्रालय ने बताया कि रेलवे भर्ती बोर्ड ने अपने वार्षिक कैलेंडर के तहत 2024 से अब तक कुल 1,08,324 पदों के लिए 12 अधिसूचनाएं जारी की हैं। वर्ष 2026-27 में भी 50,000 से अधिक नई भर्तियों की योजना बनाई गई है।
उम्मीदवारों की सुविधा के लिए केंद्र आवंटन में बदलाव
आरआरबी ने परीक्षा प्रक्रिया को आसान और सुलभ बनाने के लिए उम्मीदवारों को उनके निवास के निकट परीक्षा केंद्र देने की पहल की है। विशेष रूप से महिलाओं और दिव्यांगजनों (PwBD) को इसमें प्राथमिकता दी गई है।
पारदर्शी और निष्पक्ष परीक्षा के लिए नई तकनीकी पहलें
परीक्षाओं में पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रेलवे ने कई तकनीकी उपाय अपनाए हैं:
- ई-केवाईसी आधारित आधार प्रमाणीकरण: पहली बार उम्मीदवारों की पहचान सत्यापित करने के लिए आधार-आधारित ई-केवाईसी का उपयोग किया गया है, जिसमें 95% से अधिक सफलता प्राप्त हुई है।
- 100% परीक्षा केंद्रों पर जैमर की व्यवस्था: सभी परीक्षा केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज़ के गलत उपयोग को रोकने के लिए जैमर लगाए जा रहे हैं।
रेलवे मंत्रालय की यह पहल न केवल युवाओं को रोजगार के अधिक अवसर प्रदान करेगी, बल्कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और भरोसे को भी मजबूत करेगी। आने वाले वर्षों में रेलवे द्वारा की जा रही नियुक्तियों से लाखों उम्मीदवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है।



