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विकासशील देशों को 300 बिलियन डॉलर की मदद;भारत की आपत्ति
अजरबैजान में जलवायु परिवर्तन सम्मेलन में विकासशील देशों को हर साल 300 बिलियन डॉलर देने पर सहमति हुई है।भारत ने इस डील का विरोध किया है।
भारत की ओर से सम्मेलन में भाग लेने वाली चांदनी रैना ने कहा कि ये डील सही नहीं है और वे इस पर आपत्ति दर्ज करती हैं।

बैठक में अपने विचार व्यक्त करते हुए रैना ने कहा कि कई देशों को निर्णय प्रक्रिया से बाहर रखा गया।उन्हें लगता था कि 300 बिलियन डॉलर की डील एक छोटी रकम है। कॉप 29 की बैठक में जारी प्रस्ताव के अनुसार, साल 2035 तक विकसित देशों और विकासशील देशों को प्रति वर्ष यह राशि दी जाएगी।पिछले 250 बिलियन डॉलर के ड्राफ्ट को अस्वीकार कर दिया गया ।
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